दो इंजन चले, लेकिन किसकी गाड़ी के लिए? राहुल गांधी का सवाल
नई दिल्ली। राजनीति का मैदान गर्म है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जमकर हमला बोला। उनका आरोप है कि देशभर में BJP की कथित ‘डबल इंजन’ सरकारों ने भ्रष्टाचार और ताकत के गलत इस्तेमाल से आम लोगों की जिंदगी तबाह कर दी है।
राहुल गांधी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “उनकी व्यवस्था में गरीब, मजबूर, मजदूर और मध्यम वर्ग की ज़िंदगियाँ सिर्फ़ आंकड़े हैं। और ‘विकास’ के नाम पर एक ‘वसूली’ का सिस्टम चल रहा है।”
क्या है ‘डबल इंजन’ का मतलब?
BJP अक्सर कहती है कि जब केंद्र और राज्य दोनों में उसकी सरकार होती है, तो ‘डबल इंजन’ की ताकत से विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। लेकिन राहुल गांधी इसी टर्म को पलट देते हैं। उनका कहना है कि यह डबल इंजन सिर्फ़ अमीरों की गाड़ी चला रहा है, और आम आदमी के लिए यह भ्रष्टाचार का इंजन बन गया है, जो रोज़ किसी न किसी की ज़िंदगी को पीस रहा है।
उत्तराखंड से उन्नाव तक… सवालों के घेरे में सत्ता का संरक्षण
राहुल गांधी ने कुछ दुखद घटनाओं का जिक्र करते हुए सवाल उठाया है। उन्होंने उत्तराखंड में अंकिता भंडारी की क्रूर हत्या का मामला याद दिलाया। उनका सवाल है, “आखिर किस BJP विशिष्ट व्यक्ति (VIP) को सत्ता के संरक्षण में बचाया जा रहा है? कब कानून सबके लिए एक जैसा होगा?”
इसी तरह उत्तर प्रदेश के उन्नाव कांड की तरफ इशारा करते हुए कहा कि देश ने देखा है कि ताकत के अहंकार में अपराधियों को कैसे बचाया गया और इंसाफ़ पाने के लिए पीड़िता को कितनी कीमत चुकानी पड़ी।
पानी से लेकर हवा तक… जनता के सामने मुसीबतें?
कांग्रेस नेता ने देशभर में बुनियादी सुविधाओं की खराब हालत पर भी चिंता जताई। इंदौर में जहरीले पानी से हुई मौतों का मुद्दा उठाया। गुजरात, हरियाणा और दिल्ली से ‘काले पानी’ और दूषित पानी की शिकायतों की बात कही। उन्होंने कहा कि हर जगह बीमारियों का डर है।
पर्यावरण को लेकर भी उन्होंने चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि राजस्थान की अरावली पहाड़ियाँ हों या देश के प्राकृतिक संसाधन, जहां-जहां अरबपतियों की लालच पहुंची है, वहां नियम कानून को रौंद दिया गया है। पहाड़ काटे जा रहे हैं, जंगल उजाड़े जा रहे हैं। और बदले में जनता को मिल रही है- धूल, प्रदूषण और तबाही।
भ्रष्टाचार का सीधा असर: दवा से लेकर स्कूल तक
राहुल गांधी ने कहा कि यह सब लापरवाही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का सीधा असर है। खांसी की दवा से बच्चों की मौत, सरकारी अस्पतालों में नवजातों को चूहे मार दें, सरकारी स्कूलों की छतें गिर जाएं… ये सभी घटनाएं इसी सिस्टम की देन हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, “पुल गिरते हैं, सड़कें धंस जाती हैं, रेल हादसों में पूरे-पूरे परिवार खत्म हो जाते हैं। और हर बार BJP सरकार वही करती है: फोटो सेशन, ट्वीट और मुआवजे की औपचारिकता।”
अंत में, एक बड़ा सवाल
राहुल गांधी के इस भाषण ने एक बार फिर सत्ता और विपक्ष के बीच की खाई को चौड़ा कर दिया है। एक तरफ सरकार ‘डबल इंजन’ के विकास के दावे करती है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे विनाश की गति बता रहा है। आम नागरिक के लिए सवाल यह है कि इन आरोप-प्रत्यारोपों के बीच, उसकी रोज़मर्रा की समस्याओं – साफ पानी, अच्छी स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षित इलाके और न्याय – का असली हल कब और कैसे निकलेगा? क्या सचमुच ‘डबल इंजन’ का फायदा सिर्फ़ एक वर्ग तक ही सीमित है? यह वह सवाल है जिसका जवाब अगले चुनाव में जनता के वोट से तय होगा।
Report : ismatimes news desk.
