औरंगाबाद (बिहार) में शुक्रवार का दिन पुलिस परिवार और खिलाड़ियों के लिए खास रहा। बिहार पुलिस सप्ताह – 2026 के तहत 22 फरवरी से शुरू हुए कार्यक्रमों का समापन 27 फरवरी 2026 को पुलिस केंद्र, औरंगाबाद में बड़े उत्साह के साथ किया गया।
दोपहर करीब 3:30 बजे मगध प्रक्षेत्र, गया के पुलिस महानिरीक्षक (आई.जी.) क्षत्रनील सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे। उनके साथ जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा, पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल और पुलिस प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। भारतीय रेल बिजली कंपनी लिमिटेड, खैरा (नबीनगर) के अधिकारी भी इस मौके पर शामिल हुए।

पौधा देकर हुआ स्वागत, बिहार गीत से गूंजा माहौल
कार्यक्रम की शुरुआत बड़े सम्मानजनक तरीके से हुई। सभी अधिकारियों को एक-एक पौधा देकर मंच पर सम्मानित किया गया। इसके बाद बिहार गीत बजाया गया और वहां मौजूद सभी लोगों ने खड़े होकर पूरे सम्मान के साथ गीत सुना। माहौल में गर्व और उत्साह साफ नजर आ रहा था।
नबीनगर और जम्होर के बीच रोमांचक मुकाबला
फाइनल वॉलीबॉल मैच में नबीनगर और जम्होर की टीम आमने-सामने थीं। आई.जी. क्षत्रनील सिंह ने खिलाड़ियों से मुलाकात की और खुद टॉस करवाया। टॉस नबीनगर की टीम ने जीता और फिर शुरू हुआ जोरदार मुकाबला। खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल दिखाया और मैदान तालियों से गूंजता रहा। मैच खत्म होते ही रंग-बिरंगी आतिशबाजी से पूरा मैदान जगमगा उठा।
खेल मैदान में दौड़ और सांस्कृतिक प्रस्तुति
इसके बाद खेल मैदान में दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने लंबी दूरी तक दौड़ लगाई और विजेता बने।
कार्यक्रम का एक बेहद भावुक और खूबसूरत पल तब आया जब एक पुलिसकर्मी की छोटी सी बेटी ने शिव स्तुति पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। उसकी प्रस्तुति ने सभी का दिल जीत लिया। आई.जी. और अन्य अधिकारियों ने बच्ची को सम्मानित भी किया।
विजेताओं को मेडल और पुरस्कार
अंत में सभी विजेता खिलाड़ियों को मंच पर बुलाकर मेडल और पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। पूरे कार्यक्रम में उत्साह, अनुशासन और आपसी भाईचारे की झलक साफ दिखी।

पुलिस सप्ताह में हुए कई आयोजन
पुलिस सप्ताह – 2026 के दौरान 5 किलोमीटर मैराथन, लेखन और निबंध प्रतियोगिता, पेंटिंग, नशा मुक्ति अभियान, मेगा रक्तदान शिविर, महिला पुलिसकर्मियों की अभया ब्रिगेड मोटरसाइकिल रेस और वॉलीबॉल टूर्नामेंट जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
आई.जी. ने क्या कहा?
संवाददाताओं से बातचीत में आई.जी. क्षत्रनील सिंह ने कहा कि फाइनल मैच में शामिल होकर उन्हें बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस वीक के दौरान टीम ने काफी मेहनत की है और जनता से जुड़ने का अच्छा प्रयास किया है, जो काबिले-तारीफ है।
जब उनसे पूछा गया कि कुछ लोग कहते हैं कि उन्हें पुलिस का सही सहयोग नहीं मिल पाता, तो उन्होंने साफ कहा कि पुलिस का काम ही पब्लिक सर्विस है। पुलिस हमेशा कोशिश करती है कि जनता से जुड़कर काम करे। उन्होंने बताया कि अब अलग-अलग कार्यालयों में हफ्ते में दो दिन जनता दरबार लगाया जा रहा है, ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके और पुलिस गांव-गांव तक पहुंचकर सीधे संवाद कर सके।
कुल मिलाकर, पुलिस सप्ताह का यह समापन कार्यक्रम खेल, संस्कृति और जनता से जुड़ाव का एक बेहतरीन उदाहरण बन गया।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
