वाल्मीकी आश्रम के कथित महंत की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चित्रकूट से पहुंची थी महिलायें लखनऊ। महिलाओं को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी व चीरहरण करने वाले वाल्मीकि आश्रम के कथित महंत भरतदास की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आज यहां अचानक चित्रकूट से पहुंची सैंकड़ो महिलायें मुख्यमंत्री आवास के पास पहुंचकर जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। बिना किसी पूर्व सूचना के जय बजरंग सेना की राष्ट्रीय प्रभारी श्रीमती अर्चना उपाध्याय के नेतृत्व में सैंकड़ो महिलाओं के मुख्यमंत्री आवास के करीब पहंुचते ही पुलिस प्रशासन में हड़कम्प मच गया। आनन-फानन में हरकत में आये पुलिस प्रशासन व मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियो ने महिलाओं की मांग पर पांच लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास स्थित कार्यालय पहुंचे जहां उनकी बातों को सुन और ज्ञापन लेकर तत्काल संज्ञान में लेकर कार्यवाही का आश्वासन दिया।
दिये गये ज्ञापन में भरत दास को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था का माहौल कायम रहे एवं मां असावार के शक्तिपीठ को पूर्व की तरह ही स्थापित किया जा सके, वाल्मीकि आश्रम में प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त कर कमेटी बनाई जाए जिससे आश्रम एवं मंदिर का कार्य सुचारू रूप से चल सके भरत दास को दिया गया पुलिस बल वापस लिया जाये।
ज्ञापन में भरत दास को अपराधिक प्रवति का व्यक्ति बताते हुये बताया गया है कि इसके ऊपर चित्रकूट जनपद में एक दर्जन से ज्यादा मारपीट, जमीन पर कब्जा, महिलाओं को बदनाम ब्लैकमेल करने इत्यादि के मुकदमे पंजीकृत हैं इसके बावजूद भी पुलिस अधीक्षक कर्वी के संरक्षण के कारण इसको आज तक गिरफ्तार नहीं किया गया। आज हुये प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही जय बजरंग सेना की राष्ट्रीय प्रभारी श्रीमती अर्चना उपाध्याय ने इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई तो फेसबुक सोशल मीडिया के माध्यम से इसने क्षेत्र की महिलाओं को आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया एवं सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया पर महिलाओं का चीर हरण किया जिसकी एफआईआर कर्वी कोतवाली एवं रैपुरा थाना में पंजीकृत है परंतु पुलिस के पास जाने के बाद पुलिस अधीक्षक का कहना है कि 7 साल के अंदर की धाराओं में हम भारत दास को गिरफ्तार नहीं कर सकते।
ज्ञापन में भरत दास पर आरोप लगाते हुये यह भी बताया गया है कि लालपुर स्थित मां असावार माता की प्रसिद्ध सिद्ध पीठ पर कब्जा कर माता जी के गर्भ ग्रह में भी बदलाव का कार्य किया है तथा मांअसावार क्षेत्र के 84 गांव की कुलदेवी हैं इसके इस कृत्य से क्षेत्र के आम जनमानस में भय एवं आक्रोश व्याप्त है इसकी अपराधी गतिविधि एवं अभद्रता के कारण संत समाज ने इसे निष्कासित एवं भरत दास का बहिष्कार किया है तथा संत समाज ने भी पुलिस अधीक्षक एवं जिलाधिकारी को शिकायत दर्ज कराई चित्रकूट जिले के अधिवक्ताओं ने भी भरत दास के खिलाफ जिला अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को शिकायत दर्ज कराई क्षेत्र के 100 ग्राम प्रधानों ने पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को भरत दास के कुकर्मो की शिकायत की परंतु पुलिस संरक्षण एवं राजनीतिक संरक्षण के कारण भरत दास को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है।
