रफीगंज विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने सांसद अभय कुशवाहा और पुलिस कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल

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औरंगाबाद (बिहार) :  रफीगंज विधानसभा क्षेत्र संख्या 224 के एनडीए समर्थित जदयू विधायक और समाजसेवी प्रमोद कुमार सिंह ने प्रेस बयान जारी करते हुए औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र से इंडिया गठबंधन समर्थित राजद सांसद अभय कुशवाहा से जुड़े मामले पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार की रात सांसद की गाड़ी पर हमले की जो बात सामने आई है, उसने पूरे मामले को सवालों के घेरे में ला दिया है।

प्रमोद कुमार सिंह का कहना है कि पहली नजर में पुलिस की कार्रवाई भी काफी संदिग्ध दिखाई देती है। उनके मुताबिक पुलिस ने सांसद के दबाव में आकर काम किया, जिससे औरंगाबाद पुलिस की साख पर असर पड़ा है और सरकार की छवि भी खराब हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस मामले में थाने से ही जमानत मिल सकती थी, उसमें लोगों को अभियुक्त बनाकर कोर्ट भेज दिया गया।

उन्होंने कहा कि सांसद ने अपने पद का इस्तेमाल करते हुए पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी पर दबाव बनाया। इसी वजह से अधिकारियों की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ गई है। विधायक ने कहा कि आने वाले समय में इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के सामने भी रखा जाएगा।

प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस खुद मान रही है कि गाड़ी को आगे-पीछे करने के दौरान यह घटना हुई। ऐसे में सवाल उठता है कि जिन लोगों को आरोपी बनाया गया, वे किस समाज और वर्ग से आते हैं। उन्होंने दावा किया कि यही वह वर्ग है, जिसके समर्थन से सांसद चुनाव जीतकर पहुंचे थे, लेकिन अब उसी समाज में उनके प्रति नाराज़गी बढ़ती जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि सांसद का यह कहना कि उनके खिलाफ हत्या की साजिश हो सकती है, काफी हास्यास्पद लगता है। विधायक ने जिला प्रशासन से सवाल करते हुए पूछा कि जब सांसद खुद क्षेत्र में मौजूद नहीं थे, तब उनकी नेम प्लेट और बोर्ड लगाकर कोई दूसरा व्यक्ति इलाके में कैसे घूम रहा था। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 18 का उल्लंघन बताया।

विधायक ने कहा कि अगर इस तरह बिना जांच के किसी को सांसद या अधिकारी का बोर्ड लगाकर घूमने की छूट मिल जाए, तो कोई भी व्यक्ति इसका गलत इस्तेमाल कर सकता है। उनके मुताबिक अधिकारियों ने पूरे मामले में बड़ी लापरवाही की है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने साफ कहा कि इस मुद्दे को सदन में भी मजबूती से उठाया जाएगा।

प्रमोद कुमार सिंह ने मदनपुर थाना क्षेत्र के हसनवार गांव में बारात के दौरान हुई घटना की भी निंदा की। उन्होंने बताया कि बारात के दौरान सांसद अभय कुशवाहा के वाहन चालक सकरी गली में गाड़ी को आगे-पीछे कर रहा था। इसी दौरान वाहन का हल्का शीशा टूट गया, जिसके बाद कहासुनी शुरू हो गई।

उनका कहना है कि मामूली विवाद को प्रशासन ने सांसद के दबाव में बड़ा मामला बना दिया और लोगों को गलत तरीके से आरोपी बनाकर अदालत भेज दिया। जबकि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 323, 341 और 427 के तहत दर्ज मामला जमानती था और थाने से ही जमानत दी जा सकती थी।

विधायक ने कहा कि वे अपने क्षेत्र की जनता के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को सदन में पूरी मजबूती से उठाया जाएगा ताकि लोगों को न्याय मिल सके।

अंत में प्रमोद कुमार सिंह ने फिर दोहराया कि जिस वाहन को लेकर पूरा विवाद हुआ, उसमें सांसद अभय कुशवाहा खुद मौजूद नहीं थे। उनके अनुसार सांसद उस समय पटना में थे।

रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.

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