औरंगाबाद: मंगलवार, 17 मार्च 2026 को समाहरणालय के सभागार में दोपहर करीब 3:15 बजे के बाद जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने एलपीजी गैस की चल रही किल्लत को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने पूरी स्थिति को साफ करते हुए कहा कि जो हालात अभी बने हुए हैं, वो किसी एक जिले की वजह से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी स्थिति का असर है, जिसकी वजह से पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की सप्लाई पर थोड़ा दबाव आया है।
उन्होंने बताया कि एलपीजी गैस की सप्लाई में थोड़ी कमी पहले से रिजर्व कम होने के कारण महसूस हुई है, लेकिन औरंगाबाद जिले में घरेलू गैस की कोई असली कमी नहीं है। इसी बात को साफ करने के लिए ये प्रेस कांफ्रेंस की गई थी, ताकि लोगों के बीच फैली गलतफहमी दूर हो सके।
जिला पदाधिकारी ने जानकारी दी कि जिले में कुल 37 गैस एजेंसियां और डिस्ट्रीब्यूटर काम कर रहे हैं। इनमें 15 इंडेन, 11 एच.पी. और 11 भारत गैस एजेंसियां शामिल हैं। इतनी संख्या में एजेंसियां मौजूद होने की वजह से उपभोक्ताओं की जरूरत पूरी करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
हालांकि पिछले कुछ दिनों से जो हालात दिख रहे हैं, उसमें हर गैस एजेंसी के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। लोगों की शिकायत है कि बुकिंग के बाद भी गैस मिलने में काफी वक्त लग रहा है। इस पर डीएम ने कहा कि इसकी सबसे बड़ी वजह एक तरह की भ्रामक स्थिति है, जिसमें पहले ही यह बात फैल गई कि सप्लाई कम हो जाएगी या युद्ध जैसी स्थिति से गैस की कमी हो सकती है। इसी डर में लोगों ने ज्यादा संख्या में पहले ही बुकिंग करा ली।
उन्होंने बताया कि जिले में सामान्य तौर पर रोजाना करीब 6,700 के आसपास बुकिंग होती थी, लेकिन इस बार अचानक ये संख्या बढ़कर लगभग 15,000 तक पहुंच गई। इतनी ज्यादा बुकिंग होने के कारण सप्लाई में समय लगना स्वाभाविक है, जिससे देरी हो रही है।
इसके साथ ही तकनीकी समस्याएं भी सामने आईं। ओटीपी आने में दिक्कत हुई और जब एकदम से बुकिंग बढ़ी, तो एजेंसियों का सर्वर भी डाउन हो गया, जिससे लोगों को और परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जब संवाददाता ने डोर-टू-डोर डिलीवरी को लेकर सवाल उठाया कि ट्रांसपोर्टिंग चार्ज तो लिया जाता है, लेकिन सिलेंडर एक ही जगह पर उतारकर लोगों को वहीं बुलाकर दिया जाता है, तो इस पर जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि इस मामले को भी दिखवाया जाएगा और पूरी तरह से डोर-टू-डोर डिलीवरी सुनिश्चित कराई जाएगी।
वहीं ब्लैक मार्केटिंग को लेकर जब सवाल पूछा गया कि जिले में सिलेंडर 1500 से 2000 रुपये तक में बेचे जाने की शिकायत मिल रही है, तो उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अगर ऐसी कोई भी जानकारी मिलती है, तो तुरंत प्रशासन को दें। इस मामले में बिना किसी ढिलाई के तुरंत कार्रवाई की जाएगी और एफआईआर दर्ज की जाएगी।
इस कार्यक्रम में सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी स्वेता प्रियदर्शी समेत कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
