मैं अमृत काल का भारत हूँ…
मैं अमृत काल का भारत हूँ… स्वछन्द सतत इच्छाओं का, जीवन निर्मित आशाओं का अंधियारों में प्रज्वलित प्रकाश, है मुट्ठी में सारा आकाश जन जन की आखों ने देखा, साकार हुआ वह सपना हूँ नहीं मानवता में भेद जहाँ, नव विकसित भारत अपना हूँ मैं अमृतकाल का भारत हूँ है शांति सुरक्षा धर्म जहाँ, मैं…
