औरंगाबाद (बिहार) : बिहार के औरंगाबाद जिले के नवीनगर थाना क्षेत्र में हुए 20 वर्षीय पीयूष कुमार हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने चार विधि विरुद्ध बालकों को निरुद्ध किया है। पुलिस के मुताबिक यह हत्या पुरानी रंजिश और एक महिला के साथ कथित बदसलूकी का बदला लेने के लिए की गई थी।
मंगलवार 12 मई 2026 को समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-01 संजय कुमार पाण्डेय ने पूरे मामले की जानकारी मीडिया को दी।
उन्होंने बताया कि नवीनगर थाना क्षेत्र के दिग्घी पोखराही गांव स्थित रेलवे अंडर ब्रिज के पास 2 मई 2026 को खेत से 20 वर्षीय पीयूष Kumar का शव बरामद किया गया था। मृतक पीयूष कुमार, विजय सिंह का बेटा था और गांव का ही रहने वाला था।
शव मिलने के बाद नवीनगर थाना पुलिस ने पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद भेजा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर डॉग स्क्वाड और एफएसएल टीम को बुलाया गया था, जिन्होंने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।
एसडीपीओ संजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि पहले यह मामला गुमशुदगी के रूप में दर्ज किया गया था, लेकिन जांच के बाद नवीनगर थाना कांड संख्या 104/26 को हत्या की धाराओं में बदल दिया गया।
पुलिस अधीक्षक औरंगाबाद अंबरीष राहुल के निर्देश पर एसआईटी टीम का गठन किया गया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। जांच के दौरान कुल चार विधि विरुद्ध बालकों को निरुद्ध किया गया।
पूछताछ में सभी बालकों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उन्होंने पुलिस को बताया कि पीयूष कुमार ने उनमें से एक बालक की चाची के साथ बदसलूकी की थी। इसी बात का बदला लेने के लिए हत्या की योजना बनाई गई।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए पीयूष को नवीनगर स्टेशन के पास नहर पुल पर बुलाया। वहां से उसे दिग्घी पोखराही अंडर ब्रिज के पास ले जाया गया, जहां गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद सबूत मिटाने के इरादे से आरोपियों ने मृतक का मोबाइल, घड़ी और जूते अलग-अलग जगहों पर फेंक दिए। जिस किशोर ने सोशल मीडिया के जरिए पीयूष को बुलाया था, उसने अपना मोबाइल फोन भी तोड़कर जला दिया था।
हालांकि पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल और जले हुए मोबाइल के अवशेष बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने इस मामले में कुल पांच मोबाइल भी जब्त किए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में एसडीपीओ संजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
