गया जी में पिछले कुछ दिनों से हालात कुछ ठीक नहीं थे। शहर के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से हर तरफ कूड़ा जमा होने लगा था। गली-मोहल्लों से लेकर सड़कों तक गंदगी का अंबार लग गया था, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी।
इसी मसले को लेकर कॉंग्रेस और इंटक के कुछ नेता नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे। उनका मकसद साफ था—किसी तरह सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो और शहर की हालत फिर से सामान्य हो सके। नेताओं ने नगर आयुक्त से गुज़ारिश की कि कर्मचारियों की जायज़ मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि वे काम पर वापस लौट सकें।
नेताओं में विजय कुमार मिट्ठू, मोहम्मद खान अली, कृष्णा सिंह, अजय सिंह, टिंकू गिरी, अरुण कुमार पासवान और राजीव कुमार सिंह जैसे कई लोग शामिल थे। सबने मिलकर एक प्रेस बयान भी जारी किया और नगर आयुक्त को एक तफ्सीली ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों की कुछ अहम मांगें हैं—जैसे सरकार द्वारा तय की गई न्यूनतम मजदूरी मिलना, काम के लिए जरूरी ड्रेस, जूते और दस्ताने मिलना, अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियां और जो कर्मचारी कई सालों से ठेके पर काम कर रहे हैं, उन्हें नियमित किया जाना। नेताओं का कहना था कि ये सारी मांगें बिल्कुल जायज़ हैं और इन्हें टाला नहीं जाना चाहिए।
नगर आयुक्त ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सफाई कर्मचारियों से बातचीत करके मसले का हल निकाला जाएगा। इसके बाद उन्होंने यह भी बताया कि हड़ताल खत्म करने का फैसला हो गया है और कर्मचारी फिर से काम पर लौटेंगे।
अब उम्मीद है कि शहर में फिर से सफाई का काम शुरू हो जाएगा और लोग राहत की सांस ले पाएंगे। यह पूरा मामला दिखाता है कि बातचीत और समझदारी से बड़े से बड़ा मसला भी हल किया जा सकता है।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
