औरंगाबाद ( बिहार ) : औरंगाबाद की जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) के निर्देश पर 07 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाले पंचायत स्तरीय सहयोग शिविर की तैयारियां ज़ोर-शोर से चल रही हैं। शिविर के सफल आयोजन को लेकर जिले की सभी संबंधित पंचायतों में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे शिविर से पहले अपनी समस्याओं से जुड़े आवेदन पंचायत सरकार भवन में जमा कर दें, ताकि शिविर वाले दिन ही उनके आवेदनों का तेज़ी और प्रभावी ढंग से निपटारा किया जा सके।
जिला प्रशासन, औरंगाबाद ने जिले के सभी लोगों से अपील की है कि वे समय रहते अपने पंचायत सरकार भवन में आवेदन जमा करें और सहयोग शिविर का ज़्यादा से ज़्यादा फायदा उठाएं। इस पहल का मकसद आम लोगों की शिकायतों को आसानी से प्राप्त करना और उनका त्वरित, पारदर्शी व प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
सहयोग शिविर प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में अलग-अलग विभागों के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे। हर शिविर से कम-से-कम 30 दिन पहले संबंधित पंचायतों में आवेदन लेने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि पहले से आवेदनों की जांच कर निष्पादन प्रक्रिया को और आसान बनाया जा सके।
जिला पदाधिकारी ने हर सहयोग शिविर के लिए वरीय पदाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और सहयोगी पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। वहीं संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को शिविर के सफल संचालन और सभी ज़रूरी व्यवस्थाओं की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
07 जुलाई 2026 को मदनपुर प्रखंड की नीमा आँजन, घटराईन, दधपी और बनिया पंचायत, औरंगाबाद प्रखंड की पोखराहाँ और इब्राहिमपुर पंचायत, बारुण प्रखंड की पौथु और भोपतपुर पंचायत, देव प्रखंड की सरगावाँ और दुलारे पंचायत, रफीगंज प्रखंड की कोटवारा और भदवा पंचायत, कुटुंबा प्रखंड की अंबा, दधपा, सुही और पिपरा बगाही पंचायत, नबीनगर प्रखंड की मझियावाँ, बेलाई, सिमरी धमनी और बरियावाँ पंचायत, ओबरा प्रखंड की गैनी, बभंडीहा, खुदवाँ और मलवाँ पंचायत, दाउदनगर प्रखंड की गोरडीहा और संसा पंचायत, गोह प्रखंड की मीरपुर और भुरकुंडा पंचायत तथा हसपुरा प्रखंड की डुमरा और ईटवाँ पंचायत में सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सहयोग शिविरों का आयोजन पूरी तरह सुव्यवस्थित, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी तरीके से किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याओं और सरकारी योजनाओं से जुड़े आवेदन जमा करें तथा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
रिपोर्ट: अजय कुमार पाण्डेय.
