उत्तराखंड की देवभूमि में कैसे फला-फूला ये गंदा धंधा?
नैनीताल का रामनगर इलाका पर्यटकों के लिए मशहूर है। हरे-भरे जंगल, खूबसूरत नजारे और शांति… लेकिन इसी शांति के बीच एक लग्जरी रिसॉर्ट में सेक्स रैकेट चल रहा था। 4-5 जुलाई 2026 की रात उत्तराखंड पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), SOG और लोकल पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक रेड मारी।
2.20 लाख में बुक हुआ रिसॉर्ट, फिर शुरू हुई अय्याशी
SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई ने पूरे मामले का भंडाफोड़ कर दिया।
मेरठ के एक केमिकल कारोबारी उमेंद्र कुमार ने करीब 10 दिन पहले रिसॉर्ट के जनरल मैनेजर लखेंद्र चौधरी से संपर्क किया। ग्रुप बुकिंग के नाम पर पूरा रिसॉर्ट 4 से 5 जुलाई तक 2.20 लाख रुपये में बुक कर लिया गया। एक्स्ट्रा सर्विसेज के नाम पर बाहर से लड़कियां मंगवाई गईं। प्रत्येक लड़की के लिए 10 हजार रुपये तय थे। दिल्ली और यूपी से आए युवकों ने लड़कियों की फोटो पहले ही देख ली थीं। कुछ ने कम उम्र (नाबालिग) लड़कियों की डिमांड भी की।
पुलिस के मुताबिक, ये बुकिंग ग्रुप में की जाती थी ताकि रिसॉर्ट मालिक को एक साथ ज्यादा पैसे मिलें और वो “स्पेशल अरेंजमेंट” कर सके।
रेड के दौरान जो नजारा देखा, पुलिस वाले भी हैरान
जब पुलिस पहुंची तो रिसॉर्ट में पार्टी चल रही थी। लड़के लड़कियों के ऊपर नोट उड़ा रहे थे। कमरों में छापेमारी हुई तो भारी मात्रा में कंडोम, शराब और आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। रिसॉर्ट में बार का लाइसेंस भी नहीं था। कुछ लोग आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए।
52 लड़के-लड़कियां पकड़े गए, 10 महिलाओं का रेस्क्यू
पुलिस ने कुल 51-62 लोगों को हिरासत में लिया। 10 महिलाओं को रेस्क्यू किया गया, जिनमें एक 16 साल की नाबालिग भी शामिल है। आरोपियों में ज्यादातर दिल्ली और यूपी के हैं। लड़कियों की फोटो आपस में शेयर की जाती थीं, फिर एक-एक करके कमरों में ले जाया जाता था।
मास्टरमाइंड कौन? लखेंद्र चौधरी और राहुल गुप्ता
लखेंद्र चौधरी (रिसॉर्ट मैनेजर): ग्रुप बुकिंग का जिम्मा, स्टाफ को निर्देश कि किसी का नाम रजिस्टर में न डाला जाए (सबूत मिटाने के लिए)। राहुल गुप्ता उर्फ सन्नी (दिल्ली): लड़कियों की सप्लाई, 10 हजार प्रति लड़की।
दोनों इस रैकेट के मुख्य सूत्रधार बताए जा रहे हैं। लखेंद्र चौधरी फरार है, पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
नाबालिगों की डिमांड और ट्रैफिकिंग का शक
जांच में पता चला कि आरोपी पहले से फोटो देखकर लड़कियां चुनते थे। कई बार नाबालिगों की मांग की गई। पुलिस अब बड़े ट्रैफिकिंग सिंडिकेट की जांच कर रही है। मामले में BNS, POCSO एक्ट, Immoral Traffic Act, Excise Act और Juvenile Justice Act के तहत केस दर्ज किया गया है।
SSP मंजूनाथ टीसी का सख्त रुख
SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को ऐसे गंदे धंधों से मुक्त रखना है। टीम को 2500 रुपये का इनाम भी घोषित किया गया। रिसॉर्ट सील कर दिया गया है।
समाज के लिए सबक
ये घटना दिखाती है कि पर्यटन स्थलों पर निगरानी कितनी जरूरी है। ग्रुप बुकिंग के नाम पर ऐसे रैकेट चलते रहते हैं। युवाओं को भी सोचना चाहिए – एक रात की मौज के चक्कर में जिंदगी बर्बाद न हो जाए। नाबालिगों का शोषण सबसे बड़ा अपराध है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
मानव तस्करी और सेक्स रैकेट पर काम करने वाले संगठन चेताते हैं कि सोशल मीडिया और ग्रुप चैट्स के जरिए ऐसे नेटवर्क तेजी से फैल रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े नेटवर्क को तोड़ा है, लेकिन पूरी जड़ तक पहुंचना जरूरी है।
आगे क्या?
पुलिस डिजिटल डेटा, कॉल रिकॉर्ड्स और अन्य राज्यों से लिंक की जांच कर रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
अंत में: नैनीताल जैसे खूबसूरत इलाके को ऐसे अपराधियों से बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। पुलिस की तारीफ करते हुए हमें जागरूक भी रहना होगा। अगर आपको संदेह हो तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
मुख्य स्रोत: दैनिक भास्कर, Times of India, LatestLY और उत्तराखंड पुलिस की आधिकारिक जानकारी। SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी ने खुद इस कार्रवाई का नेतृत्व किया। रिसॉर्ट का नाम एक्रॉन हाइडवे रिसॉर्ट.
रिपोर्ट: इस्मटाइम्स न्यूज़ डेस्क.
