बिहार, 6 अगस्त 2026: टिकारी अनुमंडल पदाधिकारी प्रवीण कुंदन ने रात के समय टिकारी अनुमंडलीय अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्था में कई तरह की कमियां और लापरवाही सामने आई। एसडीओ के निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
रात के निरीक्षण में कई कर्मचारी मिले लापरवाह
अनुमंडल पदाधिकारी प्रवीण कुंदन जैसे ही रात में अस्पताल पहुंचे, वहां की स्थिति देखकर वह हैरान रह गए। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी और अस्पताल की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा गार्ड सोते हुए पाए गए।
वहीं ड्यूटी पर डॉक्टर भी अनुपस्थित मिले। इसके अलावा अस्पताल के कुछ कमरों पर कर्मचारियों का कब्जा पाया गया। इन सभी मामलों को एसडीओ ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मियों और पदाधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मरीजों की सुविधाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश
साफ-सफाई और दवा व्यवस्था सुधारने पर जोर
अनुमंडल पदाधिकारी ने अस्पताल व्यवस्थापक को स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीजों को बेहतर सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीजों के बेड पर बिछाई जाने वाली चादर रोजाना बदली जाए।
साथ ही मरीजों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा उपलब्ध कराई जाए और दवा वितरण व्यवस्था को सही तरीके से लागू किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि काउंटर पर तैनात कर्मचारी अपनी ड्यूटी के नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करें।
लापरवाही करने वालों पर होगी कार्रवाई
एसडीओ प्रवीण कुंदन ने अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था को भी नियमित रूप से बेहतर रखने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि ड्यूटी में लापरवाही करने वाले किसी भी कर्मचारी या पदाधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान लापरवाही पाए गए कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन में मचा हड़कंप
रात में हुए इस औचक निरीक्षण के बाद टिकारी अनुमंडलीय अस्पताल में व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में अस्पताल की कार्यप्रणाली में कितना सुधार होता है।
एसडीओ प्रवीण कुंदन द्वारा रात के समय अचानक पहुंचकर अस्पताल की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना और कमियों को सामने लाना लोगों के बीच सराहना का विषय बना हुआ है। इस तरह की कार्रवाई से उम्मीद है कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
