ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में मांस दुकानों पर छापेमारी, छह दुकानों को किया गया सील
मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर जिले में आज जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत मेहंदी हसन चौक के पास की गई, जहां प्रतिबंधित मांस के कारोबार की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। दोपहर के समय अचानक पुलिस और प्रशासन की टीम इलाके में पहुंची, जिससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही प्रशासनिक टीम वहां पहुंची, कई दुकानदार अपनी-अपनी दुकानें छोड़कर भागने लगे। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि हर पहलू का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके। यह छापेमारी एसडीओ पूर्वी तुषार कुमार और टाउन डीएसपी विनिता सिन्हा के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी, जिससे किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

मजिस्ट्रेट की निगरानी में कुल छह मांस की दुकानों को सील किया गया है। साथ ही, मांस के सैंपल भी लिए गए, जिन्हें जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। मौके पर वेटरनरी डॉक्टर भी मौजूद थे, ताकि तकनीकी और स्वास्थ्य से जुड़े सभी पहलुओं की सही तरीके से जांच हो सके।
यह कार्रवाई खास तौर पर कुरैशी गली, चमरा गोदाम गली और बाटा गली में की गई। प्रशासन का कहना है कि इन इलाकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद लिखित आवेदन के आधार पर यह कदम उठाया गया। कार्रवाई के दौरान चार दुकानदारों के खिलाफ ब्रह्मपुरा थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
टाउन डीएसपी विनिता सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल मांस के सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। तब तक सभी संबंधित दुकानों को पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इसके अलावा सभी दुकानदारों के लाइसेंस की भी गहन जांच की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे नियमों के अनुसार कारोबार कर रहे थे या नहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की ओर से इस मामले में नियमित निगरानी की जाएगी और भविष्य में भी इस तरह की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी ने बताया कि यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी जुलाई महीने में इसी इलाके में छापेमारी की गई थी, जिसको लेकर ब्रह्मपुरा थाने में कांड संख्या 84/25 के तहत एफआईआर दर्ज है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में चर्चा का माहौल है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और नियमों के तहत ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
रिपोर्ट: ग़ज़नफर इक़बाल.
