राष्ट्रीय लोक अदालत में लोगों को मिला राहत और समाधान का मौका
औरंगाबाद में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कई मामलों का आपसी सहमति से निपटारा हुआ। प्रधान जिला न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने कहा कि लोक अदालत लोगों को समाधान देने का मंच है, शोषण का नहीं।
औरंगाबाद में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कई मामलों का आपसी सहमति से निपटारा हुआ। प्रधान जिला न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने कहा कि लोक अदालत लोगों को समाधान देने का मंच है, शोषण का नहीं।
AVAA Wellness launches Sadhya Studio, a premium wellness and mindful movement brand focused on Yoga, Pilates, recovery, mobility, nutrition, and holistic lifestyle experiences in India.
बिहार के औरंगाबाद जिले के ऊंचौली स्थित इंडियन बैंक में गार्ड की बंदूक से गोली चलने से रिकवरी एजेंट राजेंद्र पासवान की मौत हो गई। पुलिस ने गार्ड को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पूर्वी दिल्ली के मंडावली फ़ज़लपुर के बी ब्लॉक स्थित गली नंबर 11, ज़ैदी अपार्टमेंट के नीचे 3 मई 2026 को एक नए किराना स्टोर का उद्घाटन बड़े उत्साह और सामाजिक सौहार्द के माहौल में किया गया। इस अवसर पर इलाके के सम्मानित सामाजिक व्यक्तित्व सज्जाद अली ज़ैदी ने फीता काटकर दुकान का औपचारिक शुभारंभ किया।…
An insightful analysis of governance, ethics, and democracy through the Bahá’í perspective, exploring moral leadership, unity, and challenges in modern political systems.
समीक्षक : उमेश कुमार सिंह कुमकुम सिंह द्वारा रचित उपन्यास इन्दु का भाग्य समकालीन भारतीय समाज की उन जटिल परतों को उद्घाटित करता है, जिन्हें हम अक्सर देखकर भी अनदेखा कर देते हैं। डायमंड पॉकेट बुक्स द्वारा प्रकाशित पुस्तक इन्दु का भाग्य केवल एक उपन्यास नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना, वर्ग विभाजन, मानवीय संवेदनाओं की कमी…
यह प्रेरणादायक कहानी लोकतंत्र, जागरूकता और जिम्मेदारी की अहमियत को समझाती है, जहां अवाम की ताकत सबसे बड़ी होती है।
The Allahabad High Court’s latest ruling strengthens the Forest Rights Act, 2006 by overturning inconsistent past orders, protecting tribal land rights, limiting eviction actions, and reaffirming grazing rights of forest dwellers.
इब्न-ए-खल्दून की सोच के जरिए समझिए कि इल्म और जहालत कैसे इंसान की जिंदगी, सोच और फैसलों को प्रभावित करते हैं।
An analysis of Chhatrapati Shivaji Maharaj as an inclusive ruler explores ongoing controversies, political narratives, and historical interpretations shaping his legacy in modern India.