औरंगाबाद (बिहार) : बिहार के औरंगाबाद जिले के व्यवहार न्यायालय में चर्चित तपेश्वर सिंह हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पंचम) उमेश प्रसाद ने हसपुरा थाना कांड संख्या 182/23, सत्र वाद संख्या 59/24 एवं 53ए/24 में सज़ा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए सभी दोषियों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई।
अपर लोक अभियोजक (ए.पी.पी.) देवी नंदन सिंह ने बताया कि मुख्य अभियुक्त छोटेलाल कुमार, अजीत कुमार, रोहित कुमार, मनोज कुमार, गुड्डू कुमार और सुरेन्द्र सिंह, सभी ग्राम किशुनपुरा, थाना हसपुरा के निवासी हैं। अदालत ने सभी को भारतीय दंड विधान की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई है। इसके अलावा धारा 147 के तहत दो वर्ष के कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की भी सज़ा दी गई है। अदालत ने आदेश दिया कि दोनों सजाएँ साथ-साथ चलेंगी।
बताया गया कि अभियुक्त छोटेलाल कुमार घटना के समय से ही जेल में बंद हैं। वहीं अन्य सभी अभियुक्तों को 20 जुलाई 2026 को दोषी ठहराए जाने के बाद उनके बंधपत्र रद्द कर जेल भेज दिया गया था।
अदालत ने पीड़ित परिवार को प्रतिकर दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया है।
मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता ने बताया कि प्राथमिकी की सूचक उषा देवी, निवासी ग्राम किशुनपुरा, थाना हसपुरा ने 15 जून 2023 को दर्ज कराई गई शिकायत में कहा था कि 10 जून 2023 की रात करीब 8 बजे अभियुक्त उनके घर के पास नाली का पाट चोरी कर रहे थे। जब उनके पति तपेश्वर सिंह ने इसका विरोध किया, तो सभी अभियुक्तों ने मिलकर लोहे की रॉड, लाठी और कुदाल से उन पर हमला कर दिया।
हमले में तपेश्वर सिंह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए। पहले उन्हें हसपुरा अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज, गया ले जाया गया। बाद में पटना के अस्पताल में उनके मस्तिष्क का ऑपरेशन भी किया गया, लेकिन घटना के 11 दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई।
सुनवाई के दौरान अदालत में मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाहों की गवाही कराई गई। इस मामले में आरोपों का गठन 30 जनवरी 2024 को किया गया था, जिसके बाद सुनवाई पूरी होने पर अदालत ने दोषियों को सज़ा सुनाई।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
