भारत-रूस मैत्री के लिए महिलाओं ने बनाया संवाद का सेतु
नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक एवं जन-जन के संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित रूसी हाउस में भारत-रूस महिला संवाद “Women Building Bridges” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन रूसी स्पीकिंग विमेन इन एशिया ट्रस्ट, रूसी हाउस ऑफ साइंस एंड कल्चर, रूसी संघ के दूतावास और ग्लोबल ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल इंडिया (GTTCI) की ओर से किया गया।
कार्यक्रम में भारत और रूस से जुड़ी विभिन्न महिला प्रतिनिधियों और प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। संवाद के दौरान दोनों देशों के बीच आपसी समझ, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जन-जन के रिश्तों को और मजबूत करने में महिलाओं की भूमिका पर विशेष चर्चा हुई।
महिलाओं की भूमिका को बताया अहम
संवाद में वक्ताओं ने कहा कि भारत और रूस के बीच रिश्ते केवल संस्थागत स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत संपर्क और सांस्कृतिक सहभागिता भी इन संबंधों की महत्वपूर्ण कड़ी है।
इस दौरान महिलाओं को दोनों देशों के बीच संवाद, सहयोग और मैत्री का मजबूत सेतु बनाने में महत्वपूर्ण भागीदार बताया गया। कार्यक्रम ने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं को अपने अनुभव साझा करने और नए सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करने का मंच दिया।
GTTCI ने भी दर्ज कराई सहभागिता
GTTCI के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता ने कार्यक्रम में भाग लेते हुए भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने वाली पहलों के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सांस्कृतिक, संस्थागत और जन-जन के स्तर पर होने वाले आदान-प्रदान के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में GTTCI के बोर्ड सदस्य सुमित वर्मा और डॉ. उर्वशी मित्तल ने भी हिस्सा लिया।
भारतीय पैनल में आश्मीन के. मुंजाल, जुही राजपूत, पूर्णिमा गुप्ता और डॉ. उर्वशी मित्तल शामिल रहीं। पैनल सदस्यों ने भारत-रूस संबंधों, सांस्कृतिक समझ और सहयोगात्मक साझेदारियों को बढ़ाने में महिलाओं की भूमिका पर अपने विचार रखे।
रूसी प्रतिनिधियों ने भी रखे विचार
रूसी पक्ष की ओर से सुश्री एलेना बार्मन, अध्यक्ष, इंडियन एसोसिएशन ऑफ रशियन कम्पैट्रियट्स ने संवाद में हिस्सा लिया। उन्होंने दोनों देशों के बीच जन-जन और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की जरूरत पर अपने विचार साझा किए।
वहीं, रूसी संघ के दूतावास की काउंसलर (संस्कृति) सुश्री इयूलिया अरियावा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उनके संबोधन में निरंतर संवाद, आपसी समझ और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भारत और रूस के लोगों को करीब लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया।
भारतीय विद्यार्थियों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति
कार्यक्रम के दौरान भारतीय विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की विविध और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।
आयोजकों के अनुसार, सांस्कृतिक कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि आने वाली पीढ़ी भी भारत-रूस के बीच मैत्री और बेहतर सांस्कृतिक समझ को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। इसमें कार्यक्रम से जुड़े प्रतिभागियों और सहयोगियों को उनकी सहभागिता और योगदान के लिए सम्मानित किया गया। “Women Building Bridges” की थीम ने संवाद, संस्कृति, सहयोग और आपसी सम्मान के जरिए भारत और रूस के बीच संबंधों को मजबूत करने की भावना को सामने रखा। आयोजकों का मानना है कि ऐसे मंच महिला नेतृत्व, युवाओं, संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय समुदायों को एक साथ लाकर दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती दे सकते हैं।
