नई दिल्ली: बच्चे किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे अनमोल धरोहर होते हैं। उनकी मासूम मुस्कान, नई चीजें जानने की जिज्ञासा और कल्पनाओं की उड़ान दुनिया को बेहतर बनाने की उम्मीद जगाती है। बच्चों को सही दिशा, अच्छे संस्कार और आगे बढ़ने के अवसर देकर ही एक बेहतर भविष्य की नींव रखी जा सकती है।
ये बातें रयान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. ए.एफ. पिंटो ने बाल दिवस के अवसर पर अपने संदेश में कहीं। उन्होंने कहा कि बच्चे ईश्वर की ओर से मानवता को दिया गया अनमोल उपहार हैं। उनकी प्रतिभा और क्षमताओं को पहचानना तथा उन्हें सही रास्ता दिखाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
चाचा नेहरू को किया याद
बाल दिवस के मौके पर डॉ. पिंटो ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को भी याद किया, जिन्हें बच्चे प्यार से चाचा नेहरू कहते थे।
उन्होंने कहा कि बच्चों के प्रति नेहरू जी का गहरा स्नेह इस बात का प्रतीक था कि बच्चे ही राष्ट्र के भविष्य के असली निर्माता हैं। उनके सपनों और उम्मीदों को पूरा करने के लिए उन्हें बेहतर शिक्षा और सही माहौल देना जरूरी है।
शिक्षा का मकसद केवल अच्छे अंक और नौकरी नहीं
डॉ. ए.एफ. पिंटो ने कहा कि रयान और जेवियर्स ग्रुप में हमेशा यह विश्वास रहा है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान, अच्छे अंक हासिल करना या बेहतर करियर बनाना नहीं है।
शिक्षा का असली मकसद हर बच्चे के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानना, उसकी क्षमताओं को निखारना, आत्मविश्वास बढ़ाना और उसके व्यक्तित्व में अच्छे नैतिक मूल्यों को विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि एक शिक्षण संस्थान की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों को परीक्षाओं में कामयाबी दिलाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें जिंदगी की हर चुनौती का सामना करने के काबिल बनाना भी जरूरी है।
संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना हमारा संकल्प
डॉ. पिंटो ने कहा कि रयान ग्रुप का संकल्प ऐसे बच्चों को तैयार करना है, जो आगे चलकर संवेदनशील व्यक्तित्व, जिम्मेदार नागरिक और दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता बनें। ऐसे युवा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अपना अहम किरदार निभा सकें।
उन्होंने कहा कि रयान ग्रुप की स्वर्ण जयंती के मौके पर पिछले 50 वर्षों की यात्रा को याद करते हुए सबसे बड़ी खुशी अपने विद्यार्थियों को कामयाबी की राह पर आगे बढ़ते देखना है। ये विद्यार्थी अपने परिवार, समाज, देश और पूरी दुनिया के लिए सकारात्मक योगदान दे रहे हैं।
बच्चों को बड़े सपने देखने के लिए करें प्रोत्साहित
उन्होंने कहा कि आज की तेजी से बदलती दुनिया में बच्चों को जिज्ञासु, रचनात्मक और हर परिस्थिति के मुताबिक खुद को ढालने के काबिल बनाना बेहद जरूरी है।
बच्चों को बड़े सपने देखने, अपने मकसद को हासिल करने के लिए मेहनत करने और हर चुनौती का हिम्मत तथा आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि अपनी रुचियों और प्रतिभाओं को पहचानकर, लगातार सीखने की आदत अपनाकर और दूसरों का सम्मान करके बच्चे एक बेहतर जिंदगी बना सकते हैं। दया, ईमानदारी और इंसानियत जैसे मूल्यों को अपनाकर वे दुनिया को भी बेहतर बनाने में योगदान दे सकते हैं।
हर बच्चे को मिले प्यार, मार्गदर्शन और आगे बढ़ने का अवसर
बाल दिवस के मौके पर डॉ. ए.एफ. पिंटो ने सभी से अपील की कि हर बच्चे को प्यार, सही मार्गदर्शन, बेहतर अवसर और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन दिया जाए, ताकि वह अपनी पूरी क्षमता को पहचान सके और अपने सपनों को हकीकत में बदल सके।
उन्होंने कहा कि जब हम किसी बच्चे का प्यार और संवेदनशीलता के साथ पालन-पोषण करते हैं, तो वास्तव में हम एक बेहतर, संवेदनशील और उम्मीदों से भरे भविष्य की नींव रखते हैं।
अपने संदेश के आखिर में उन्होंने बच्चों को हमेशा मुस्कुराते रहने, नई चीजें सीखने, बड़े सपने देखने और अपनी प्रतिभा से दुनिया को रोशन करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि बच्चे केवल राष्ट्र का भविष्य नहीं हैं, बल्कि वे देश की उम्मीद, ताकत और एक बेहतर दुनिया के निर्माण का भरोसा भी हैं।
डॉ. ए.एफ. पिंटो की ओर से सभी बच्चों को बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
