औरंगाबाद (बिहार), 12 अक्टूबर 2026: सारण के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र के पेमा गांव में स्वर्गीय मिथिलेश कुमार सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर उन्होंने स्वर्गीय मुन्द्रिका प्रसाद सिंह द्वार का भी उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित श्रद्धांजलि सभा में दिवंगत व्यक्तित्वों के सामाजिक योगदान को याद किया गया। साथ ही, शिक्षा, उद्यमिता और नई पीढ़ी के लिए बेहतर अवसर तैयार करने की जरूरत पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजीव प्रताप रूडी शामिल हुए। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह, रफीगंज विधायक प्रमोद कुमार सिंह, कुटुंबा विधायक ललन राम और बिहार राज्य नागरिक परिषद के उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह मौजूद रहे। इसके अलावा भाजपा नेता गोपाल शरण सिंह और राकेश कुमार सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता राकेश कुमार सिंह ‘पप्पू’ ने की, जबकि मंच का संचालन परविंदर मिश्रा ने किया। कार्यक्रम के मुख्य सूत्रधार और आयोजक कमलेश कुमार सिंह थे।
स्वर्गीय मिथिलेश कुमार सिंह के सामाजिक योगदान को किया याद
अपने संबोधन में राजीव प्रताप रूडी ने स्वर्गीय मिथिलेश कुमार सिंह को क्षेत्र का सामाजिक कार्यकर्ता बताते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उन्होंने समाज के बीच अपनी अलग पहचान बनाई थी।

रूडी ने आयोजन से जुड़े परिवार के सदस्यों और कार्यक्रम में मौजूद लोगों के प्रति आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज को अपनी जड़ों, पारिवारिक संस्कारों और उन लोगों के योगदान को याद करने का अवसर देते हैं, जिन्होंने अपने जीवन में समाज के लिए काम किया।
शिक्षा और उद्यमिता से मजबूत होगा युवाओं का भविष्य
सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि किसी व्यक्ति की कामयाबी केवल उसके पद या राजनीतिक पहचान से नहीं आंकी जानी चाहिए। असली सफलता शिक्षा, मेहनत और अपनी क्षमता के बल पर आगे बढ़ने में है।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को बेहतर भविष्य देने के लिए शिक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। युवाओं को केवल सरकारी नौकरी या राजनीति तक सीमित रहने के बजाय कारोबार, व्यवसाय और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी अपनी संभावनाएं तलाशनी चाहिए।
उन्होंने बेटियों की शिक्षा को भी परिवार और समाज की तरक्की का अहम आधार बताया। उनके मुताबिक, जब लड़कियों को शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलते हैं, तो उसका सकारात्मक असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है।
रूडी ने कहा कि समाज को बच्चों की प्रतिभा पहचानकर उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देना भी जरूरी है, ताकि युवा बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपने लिए नए रास्ते तैयार कर सकें।
नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए योग्य नेतृत्व जरूरी
राजीव प्रताप रूडी ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए योग्य नेतृत्व तैयार करना और प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर देना भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि सामाजिक और व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर उन युवाओं का सहयोग किया जाए, जिनमें आगे बढ़ने और समाज के लिए कुछ बेहतर करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि समाज की असली ताकत तब सामने आती है, जब वह अपने प्रतिभाशाली लोगों की उपलब्धियों को पहचानता है और उन्हें आगे बढ़ने में मदद करता है।
बिहार के विकास में युवाओं की भूमिका अहम
अपने संबोधन में रूडी ने बिहार में विकास की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने आधारभूत संरचना, नए शहरों, हवाई अड्डों, रोजगार और आधुनिक तकनीक के क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावनाओं की चर्चा की।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को समय के साथ बदलती जरूरतों को समझना होगा। युवाओं को बेहतर शिक्षा और जरूरी कौशल हासिल कर विकास के नए अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। इससे वे अपने भविष्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ राज्य की तरक्की में भी योगदान दे सकते हैं।
सांसद कंट्रोल रूम के जरिए जनसमस्याओं में मदद का जिक्र
कार्यक्रम के दौरान राजीव प्रताप रूडी ने छपरा स्थित सांसद कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि लोग टोल-फ्री नंबर 18003456222 पर संपर्क कर विभिन्न समस्याओं और जरूरतों के बारे में जानकारी दे सकते हैं।
उनके अनुसार, अस्पताल में सहायता, दुर्घटना, बिजली, सड़क और दूसरी जनसमस्याओं से जुड़ी शिकायतों पर यथासंभव मदद पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।
पेमा गांव में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से दिवंगत व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि देने के साथ शिक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी, युवाओं के भविष्य और बिहार के विकास में उनकी भूमिका जैसे विषयों पर भी जोर दिया गया।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
