CTI के ऐतिहासिक व्यापारी सम्मेलन में दिल्ली के 400 व्यापारी संगठन शामिल

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दिल्ली के व्यापार को बचाने के लिए “ट्रेड एंड इंडस्ट्री डेवलपमेंट बोर्ड” बनाने और मास्टर प्लान तुरंत लागू करने की मांग

दिल्ली में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) द्वारा आज दिल्ली में आयोजित विशाल व्यापारी सम्मेलन में दिल्ली के 400 से अधिक इंडस्ट्री और व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल और महासचिव गुरमीत अरोड़ा ने बताया कि व्यापारी सम्मेलन में दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही, दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहन जेटली, बिजनेस एक्सपर्ट भारती तनेजा और जय मदान शामिल हुई,

CTI के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक गर्ग और सचिव कुंज नाकरा ने बताया कि आज के व्यापारी सम्मेलन में अर्जुन कुमार, धीरज धर गुप्ता, विनय नारंग, सुरेश अग्रवाल, गुरमीत अरोड़ा, हुकुम नाकरा, राहुल अग्रवाला, श्याम सुंदर अग्रवाल, श्री भगवान बंसल, सुशील गोयल, चन्द्र भूषण गुप्ता आदि व्यापारी नेताओं को बिजनेस एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।

सम्मेलन में दिल्ली के बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों की ज्वलंत समस्याओं पर गहन मंथन हुआ और सरकार से त्वरित समाधान की मांग की गई।

सम्मेलन में पारित प्रमुख प्रस्ताव एवं मांगे:

  1. ट्रेड एंड इंडस्ट्री डेवलपमेंट बोर्ड का गठन हो
    व्यापारियों ने सर्वसम्मति से मांग की कि दिल्ली में “दिल्ली ट्रेड एंड इंडस्ट्री डेवलपमेंट बोर्ड” का गठन किया जाए। इस बोर्ड में सरकार, MCD, DDA और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हों। इससे व्यापारियों और उद्योगपतियों को अपनी समस्याएं सरकार तक रखने के लिए एक स्थायी और प्रभावी मंच मिलेगा।
  2. बाजारों की मूलभूत समस्याएं
    कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, सदर बाजार, कमला नगर, लाजपत नगर, करोल बाग, चावड़ी बाजार, कनॉट प्लेस, पहाड़गंज सहित दिल्ली के प्रमुख बाजारों के प्रतिनिधियों ने निम्न समस्याएं उठाईं:
    अवैध रेहड़ी-पटरी और अतिक्रमण: फुटपाथों पर कब्जे के कारण ग्राहक बाजारों में नहीं आ पा रहे।
    पार्किंग की भारी कमी: MCD द्वारा पर्याप्त पार्किंग न बनाए जाने से जाम और चालान की समस्या।
    सीवर, सफाई और स्ट्रीट लाइट: कई बाजारों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव।
    UPI/MDR शुल्क: केंद्र सरकार द्वारा UPI पर संभावित शुल्क लगाने के प्रस्ताव का विरोध। इससे छोटे व्यापारियों की लागत बढ़ेगी।
  3. औद्योगिक क्षेत्रों की मांगें
    बवाना, नरेला, मायापुरी, पटपड़गंज, झिलमिल, ओखला के उद्योगपतियों ने कहा:
    सिंगल विंडो सिस्टम: नई फैक्ट्री लगाने के लिए 15-20 विभागों के चक्कर और इंस्पेक्टर राज खत्म हो। सभी NOC एक ही पोर्टल से समयबद्ध मिलें।
    लीज होल्ड से फ्री होल्ड: औद्योगिक प्लॉटों को फ्री होल्ड किया जाए ताकि उद्योग आधुनिकीकरण और बैंक से लोन ले सकें।
    बिजली और पानी: औद्योगिक दरों पर 24 घंटे बिजली और पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो।
  4. अन्य गंभीर मुद्दे
    दिल्ली मास्टर प्लान 2041: 5 साल से लटका हुआ है। इसके कारण कॉमर्शियल एक्टिविटी, पार्किंग और मिक्स लैंड यूज के काम रुके हैं। इसे तुरंत अधिसूचित किया जाए।
    GST और टैक्स टेररिज्म: छोटे व्यापारियों को GST रिटर्न और नोटिस में अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। कंपोजिशन स्कीम की सीमा 2 करोड़ की जाए।
    ई-कॉमर्स और डिस्काउंट: बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा भारी डिस्काउंट देकर छोटे दुकानदारों का व्यापार खत्म किया जा रहा है। इस पर नियमन हो।
    किराया और लाइसेंस: दुकानों के ट्रेड लाइसेंस, स्वास्थ्य लाइसेंस का नवीनीकरण सरल और ऑनलाइन हो।

दिल्ली मे जल्द बनेंगे 100 नये पार्किंग स्थल – खत्म होगा पार्किंग माफिया – मेयर प्रवेश वाही
कार्यक्रम में उपस्थित दिल्ली मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली में 100 जगहों पर पार्किंग बनेगी और पार्किंग माफिया को खत्म किया जाएगा

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