चौथे राष्ट्रीय नृत्य प्रतियोगिता एवं महोत्सव का भव्य आयोजन

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भारतीय कला, संस्कृति एवं युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 18 अक्टूबर 2026 को बृज मोहन मुंजाल वैदिक ऑडिटोरियम, नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर के नृत्य प्रतियोगिता एवं महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9 बजे होगा और यह पूरे दिन चलेगा।

इस आयोजन में देश के 10 से अधिक राज्यों से 150 से अधिक युवा कलाकार विभिन्न शास्त्रीय एवं अन्य नृत्य विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में 8 से अधिक नृत्य शैलियों की प्रस्तुतियां होंगी तथा 600 से अधिक दर्शक इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन के साक्षी बनेंगे।

NGO का यह प्रयास केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवा कलाकारों को मंच, अवसर और सही दिशा प्रदान करने की एक सार्थक पहल है। अनुभवी एवं प्रतिष्ठित कला प्रेमियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सहयोगियों के मार्गदर्शन में यह आयोजन युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं कला की समृद्ध परंपरा से जोड़ने का कार्य कर रहा है।

इस पहल में SRROT NGO डाइरेक्टर एवं कथक नृत्यांगना रिचा गोविल, रितिकला एकेडमी से कथक नृत्यांगना रितिका आहूजा, E Techaas Company के CEO श्री भूपिंदर सिंह, जो वेबसाइट कंटेंट, क्रिएटिव एवं डिजाइनिंग के क्षेत्र में कार्यरत हैं, तथा नाट्य भक्ति की भरतनाट्यम नृत्यांगना आरती कंवर विशेष रूप से जुड़े हुए हैं। सभी का उद्देश्य युवा कलाकारों को अवसर प्रदान कर उन्हें कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

पिछले 12 वर्षों से भारतीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है। संस्था की इस यात्रा में प्राचीन हनुमान मंदिर के ट्रस्टी श्री अनिल शर्मा जी, आर्य समाज के प्रधान श्री रैली जी एवं प्रधाना श्रीमती सुमन गुप्ता जी का भी विशेष सहयोग एवं आशीर्वाद रहा है।

यह इस NGO का चौथा राष्ट्रीय प्रतियोगिता एवं महोत्सव है। पिछले आयोजनों से मिले उत्साह और सहयोग ने समूह को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है और इसी क्रम में पांचवें राष्ट्रीय आयोजन की नींव भी रखी जा चुकी है।

इस आयोजन की विशेषता यह है कि इसमें शिष्य प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, जबकि गुरु महोत्सव के माध्यम से अनुभवी गुरु एवं कलाकार अपनी कला और अनुभव को मंच पर प्रस्तुत करेंगे। इस प्रकार यह आयोजन प्रतियोगिता के साथ-साथ गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय संस्कृति और कला के उत्सव का भी रूप प्रस्तुत करेगा।

आप का उद्देश्य है—युवा प्रतिभाओं को पहचान, कलाकारों को सम्मान और भारतीय कला को एक सशक्त राष्ट्रीय मंच प्रदान करना।

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