नई दिल्ली: सावन के महीने में पंजाब में मनाए जाने वाले तीज के त्योहार को पंजाबी संस्कृति में ‘तीयां’ कहा जाता है। तीयां महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। इस अवसर पर महिलाएं अपनी सहेलियों के साथ मिलकर लोकगीत गाती हैं, गिद्दा करती हैं और पारंपरिक तरीके से खुशियां मनाती हैं।
इसी खूबसूरत परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ‘तीयां दी बहार 2026’ का आयोजन दिल्ली में किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक पंजाबी परिधानों में सजी महिलाओं ने पंजाबी लोकगीतों, गिद्दा, नृत्य और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों के साथ तीयां का त्योहार मनाया।
कार्यक्रम में पंजाबी लोकगीतों और ढोल की थाप पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया। हंसी-मजाक, मस्ती और आपसी मेल-जोल से पूरा माहौल पंजाबी रंग में रंगा नजर आया। महिलाओं ने अपनी रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से समय निकालकर एक साथ इस पारंपरिक त्योहार का आनंद लिया।
कार्यक्रम की निदेशक डॉ. अवनीत कौर भाटिया ने कहा कि तीयां महिलाओं के लिए केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से जुड़ने का एक खूबसूरत अवसर है। ऐसे आयोजन महिलाओं को एक साथ आने, खुशियां बांटने और अपनी लोक विरासत को करीब से महसूस करने का अवसर देते हैं।
डॉ. अवनीत कौर भाटिया पिछले 9 वर्षों से दिल्ली में तीज और तीयां का आयोजन करती आ रही हैं। उनका उद्देश्य हर वर्ष इस पारंपरिक पर्व को महिलाओं के साथ मिलकर मनाना तथा पंजाबी संस्कृति और लोक विरासत को आगे बढ़ाना है।
‘तीयां दी बहार 2026’ में 100 से अधिक महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह साबित किया कि बदलते समय के बावजूद तीज और तीयां की परंपरा आज भी महिलाओं के लिए उतनी ही खास है। पंजाबी लोकगीतों, नृत्य, मस्ती और पारंपरिक रंगों से सजा यह आयोजन सभी के लिए यादगार बन गया।
