औरंगाबाद में 16.24 लाख रुपये की छात्रवृत्ति राशि को लेकर शिकायत, जांच के बाद भी वसूली पर सवाल

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औरंगाबाद, बिहार, 27 सितंबर 2026: कुटुंबा प्रखंड के परता गांव निवासी आकाश कुमार ने जिलाधिकारी, औरंगाबाद के नाम ईमेल के माध्यम से एक लिखित शिकायत भेजकर छात्रवृत्ति की राशि से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि परता गांव निवासी पूनम देवी, पति भीमसेन पाण्डेय के नाम से पंजाब नेशनल बैंक की रिसियप शाखा में कथित तौर पर फर्जी खाता खोलकर कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति मद में भेजी गई 16 लाख 24 हजार 800 रुपये की राशि की निकासी की गई।

मध्य विद्यालय के नाम से खाते को लेकर उठे सवाल

शिकायतकर्ता के अनुसार, पंजाब नेशनल बैंक, रिसियप शाखा में मध्य विद्यालय परता के नाम से एक खाता खोला गया था। आरोप है कि खाता खोलने के लिए जिस प्रधानाध्यापक के हस्ताक्षर और मुहर का इस्तेमाल किया गया, उस नाम का कोई प्रधानाध्यापक संबंधित विद्यालय में कार्यरत ही नहीं था।

इसी आधार पर शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि यदि खाते से संबंधित दस्तावेजों में ही अनियमितता थी, तो कल्याण विभाग की ओर से छात्रवृत्ति की राशि उस खाते में किस आधार पर भेजी गई और बाद में उसकी निकासी कैसे हुई।

आर्थिक इकाई की जांच का भी किया गया उल्लेख

आवेदन में दावा किया गया है कि मामला सामने आने के बाद आर्थिक इकाई विभाग, पटना की ओर से जांच की गई थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक जांच के बाद मामले में संबंधित व्यक्ति को दोषी पाया गया और विभागीय स्तर से आदेश भी जारी किया गया।

इसके बाद जिला कल्याण पदाधिकारी, औरंगाबाद के कार्यालय की ओर से संबंधित राशि प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर चेक या ड्राफ्ट के माध्यम से जिला कल्याण कार्यालय में जमा कराने का निर्देश दिए जाने का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं कराए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नीलाम पत्र वाद दायर करने की बात कही गई थी।

सर्टिफिकेट केस और हाईकोर्ट की कार्यवाही का जिक्र

मामले में विभाग की ओर से सर्टिफिकेट वाद संख्या 695/22-23 दर्ज किए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है। शिकायत के मुताबिक इसके खिलाफ पूनम देवी की ओर से पटना हाईकोर्ट में CWJC संख्या 18430/2022 दायर की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया।

आवेदक का आरोप है कि इसके बावजूद कथित तौर पर अब तक राशि की वसूली नहीं हो सकी है। उन्होंने सर्टिफिकेट केस को लंबित रखे जाने की भी शिकायत की है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई करने की मांग की है।

डीएम से कार्रवाई की मांग

आकाश कुमार ने जिलाधिकारी से पूरे मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और पूर्व में हुई जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। साथ ही उन्होंने कथित तौर पर लंबित वसूली प्रक्रिया की भी समीक्षा कराने तथा मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच करने की मांग की है।

यह खबर शिकायत में लगाए गए आरोपों और उसमें उल्लिखित दस्तावेजी कार्यवाही पर आधारित है। संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस स्तर पर नहीं हुई है।

रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.

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