औरंगाबाद में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, 3,200 लंबित और 5,000 प्री-लिटिगेशन मामलों पर होगी सुनवाई
औरंगाबाद में 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित होगी। 3,200 लंबित और करीब 5,000 वाद पूर्व मामलों के निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है।
औरंगाबाद में 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित होगी। 3,200 लंबित और करीब 5,000 वाद पूर्व मामलों के निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है।
औरंगाबाद बाल न्यायालय ने दाउदनगर थाना कांड 337/22 में हत्या के मामले में एक विधि-विरुद्ध किशोर को धारा 302 के तहत दोषी करार दिया। सजा पर सुनवाई 14 सितंबर 2026 को होगी।
औरंगाबाद में प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार ने 12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिवक्ताओं से अधिक से अधिक सुलहनीय मामलों के निपटारे में सहयोग की अपील की।
औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय ने हत्या के मामले में अजय पाण्डेय को उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आर्म्स एक्ट में भी तीन साल की सजा हुई।
औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय ने गवाही पेश नहीं करने और न्यायिक आदेश की अवहेलना पर रफीगंज थाना प्रभारी का अगले आदेश तक वेतन रोकने का आदेश दिया। तीन अन्य मामलों में भी थाना प्रभारियों से शोकॉज मांगा गया।
औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय ने नवीनगर थाना कांड संख्या 27/23 के हत्या मामले में आरोपी अनमोल कुमार गुप्ता उर्फ लड्डू गुप्ता को आईपीसी की धारा 302 और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया। सज़ा पर सुनवाई 7 अगस्त 2026 को होगी।
औरंगाबाद के तपेश्वर सिंह हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला। छह दोषियों को उम्रकैद और जुर्माने की सज़ा, पीड़ित परिवार को प्रतिकर दिलाने के भी दिए गए निर्देश।
औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय ने अपहरण और छेड़छाड़ मामले में दोषी रंजीत राजवंशी को सज़ा सुनाई। सुनवाई के दौरान अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट, ई-साक्ष्य, साइबर सुरक्षा और पेपरलेस न्याय व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए।
औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय ने संजू कुंवर हत्या मामले में दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। मामले में सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान, प्राथमिकी और न्यायालय की कार्रवाई सामने आई। सज़ा के बिंदु पर सुनवाई 7 जुलाई 2026 को होगी।
औरंगाबाद में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कई मामलों का आपसी सहमति से निपटारा हुआ। प्रधान जिला न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने कहा कि लोक अदालत लोगों को समाधान देने का मंच है, शोषण का नहीं।