औरंगाबाद (बिहार), 1 सितंबर 2026: आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में मंगलवार को प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार ने जिला विधिज्ञ संघ, औरंगाबाद के लॉयर्स हॉल में अधिवक्ताओं के साथ बैठक की और उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधान जिला जज ने कहा कि वाद के पक्षकारों के साथ अधिवक्ताओं का सीधा और करीबी संपर्क रहता है। ऐसे में अधिवक्ता अपने मुवक्किलों को सुलह-समझौते के जरिए मामलों के निपटारे के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे अपना बेहतर सहयोग दें और अधिक से अधिक सुलहनीय मामलों के निष्पादन में मदद करें।
उन्होंने यह भी बताया कि बैंकों की ओर से आश्वासन दिया गया है कि बैंक ऋण से जुड़े मामलों के निपटारे में यथासंभव लचीला रुख अपनाया जाएगा। इससे लोक अदालत के माध्यम से ऋण संबंधी मामलों के समाधान का रास्ता और आसान हो सकता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद की सचिव तान्या पटेल ने कहा कि अधिवक्ताओं के सहयोग से मामलों के निष्पादन की दर में लगातार सुधार हुआ है। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से सहयोग जारी रखने और अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत के माध्यम से समाप्त कराने की अपील की।
न्यायिक अधिकारियों ने भी की सहयोग की अपील
जिला जज प्रथम विश्व विभूति गुप्ता ने अधिवक्ताओं से कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए उनका सहयोग और प्रयास लगातार मिलना जरूरी है। वहीं जिला जज द्वितीय आनंदिता सिंह ने अधिवक्ताओं की सक्रिय सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए पूरी गंभीरता और उत्साह के साथ सहयोग करने का आग्रह किया।
जिला जज तृतीय अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि अधिवक्ताओं के सहयोग के बिना अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन संभव नहीं है। इसलिए सभी अधिवक्ताओं को खुलकर राष्ट्रीय लोक अदालत का समर्थन करना चाहिए।
जिला जज चतुर्थ दिव्या वशिष्ठ ने कहा कि न्यायालयों में हजारों सुलहनीय मामले लंबित हैं। यदि इनमें से बड़ी संख्या में मामलों का लोक अदालत के माध्यम से निपटारा होता है, तो इससे किसी पक्ष को नुकसान नहीं होगा, बल्कि पक्षकारों को जल्द न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि मामलों के शीघ्र निष्पादन से लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा तथा नए मामलों के निपटारे की प्रक्रिया भी बेहतर ढंग से आगे बढ़ेगी।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी लाल बिहारी पासवान ने भी अधिवक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि समाज, देश और न्यायालय के हित में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक सुलहनीय मामलों के समाधान पर जोर दिया।
अधिवक्ता संघ ने दिया सहयोग का भरोसा
जिला विधिज्ञ संघ, औरंगाबाद के अध्यक्ष विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि अधिवक्ता यथासंभव अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन में अपना सहयोग देंगे। उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए अधिवक्ताओं की ओर से हर संभव प्रयास का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम के अंत में वरीय अधिवक्ता योगेन्द्र प्रसाद योगी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कहा कि छोटे और सुलहनीय मामलों को लंबे समय तक लंबित रखने के बजाय पक्षकारों के हित में उनका समाधान राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कराना ज्यादा बेहतर है।
कार्यक्रम में जिला विधिज्ञ संघ के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में अधिवक्तागण मौजूद रहे। बैठक में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक सुलहनीय मामलों के निपटारे को लेकर अधिवक्ताओं से सक्रिय भागीदारी की अपील की गई।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
