औरंगाबाद ( बिहार ) : 17 जुलाई 2026, शुक्रवार को औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र संख्या-37 से इंडिया गठबंधन समर्थित राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद अभय कुमार कुशवाहा ने शाहपुर स्थित देवी मंदिर के पास, टीचर ट्रेनिंग कॉलेज के समीप अपने कार्यालय-सह-आवासीय परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी।
सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर जताई चिंता
मीडिया द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर पूछे गए सवाल पर सांसद अभय कुमार कुशवाहा ने कहा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को 33 दिन और आमरण अनशन को 30 दिन पूरे हो चुके हैं। इसके बावजूद अब तक केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस पहल होती नहीं दिख रही है।
उन्होंने कहा कि अभी तक केंद्र सरकार ने आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक और उनके साथियों से कोई बातचीत भी नहीं की है। यह ठीक नहीं है। सरकार को आंदोलनकारियों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उचित फैसला लेना चाहिए।
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वे जल्दी ही सोनम वांगचुक और उनके साथियों से मिलेंगे और विषय पर बात करेंगे।
लोकतंत्र में संवाद सबसे जरूरी
राजद सांसद ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में आंदोलन का मकसद सरकार का ध्यान किसी गंभीर मुद्दे की ओर दिलाना होता है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे लोगों से संवाद करे और समस्या का हल निकालने की कोशिश करे।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती तभी बनी रहती है, जब सरकार जनता की आवाज सुनने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की पहल करे।
छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर हो गंभीर फैसला
अभय कुमार कुशवाहा ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और उनके साथ आंदोलन कर रहे लोग कोई गलत मांग कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किया जाए, बार-बार हो रहे पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय हो और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर भी सरकार विचार करे।
सांसद ने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। इसलिए केंद्र सरकार को इस गंभीर विषय पर आंदोलनकारियों से जल्द बातचीत करनी चाहिए और ऐसा समाधान निकालना चाहिए, जिससे छात्रों और युवाओं का भरोसा मजबूत हो।
निष्कर्ष
सांसद अभय कुमार कुशवाहा ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद ही सबसे बड़ा रास्ता है। सरकार को आंदोलन कर रहे लोगों की बात सुननी चाहिए और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, ताकि छात्रों और युवाओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे का उचित हल निकल सके।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
