बद्रीनाथ धाम में चंदा चोरी का बड़ा खुलासा: पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान पर छापा, विदेशी मुद्रा और केसर बरामद

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बद्रीनाथ मंदिर में दान चोरी का मामला क्यों गरमाया?

दोस्तों, उत्तराखंड के पवित्र बद्रीनाथ धाम में एक ऐसा मामला सामने आया है जो पूरे देश को चौंका रहा है। भगवान विष्णु के इस मुख्य धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चंदे की चोरी का आरोप लगा है। विशेष जांच टीम (SIT) की तहकीकात में पूर्व बद्रीनाथ मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान मुख्य आरोपी बन गए हैं। पुलिस ने उनके परिसर पर छापा मारा तो विदेशी मुद्रा, महंगा केसर और अन्य सामग्री बरामद हुई है।⁠

SIT की जांच और राजेंद्र चौहान की गिरफ्तारी

उत्तराखंड पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने बद्रीनाथ मंदिर में दान चोरी के आरोप में गहन जांच शुरू की। 17 जुलाई 2026 को राजेंद्र चौहान को करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद SIT ने उनके बड़ींनाथ धाम स्थित परिसर पर छापेमारी की।

SIT जांच अधिकारी महादेव उनियाल ने बताया कि छापे में महंगा केसर और कुछ अन्य सामग्रियां बरामद हुई हैं। साथ ही विदेशी मुद्रा भी मिली है। आरोपी चौहान नकदी के मामले में सहयोग नहीं कर रहे हैं।⁠Thenewsmill

सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि 22 जून, 25 जून और 29 जून को राजेंद्र चौहान कैश बंडल इकट्ठा करके अपनी जेब में रख रहे थे। इसी सबूत के आधार पर उन्हें समन जारी किया गया और फिर गिरफ्तारी हुई।

BKTC की 18 पेज रिपोर्ट और नई फुटेज

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने SIT को 18 पेज की आंतरिक जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में दान संभालने की प्रक्रिया पर कई कमियां बताई गई हैं। SIT ने 29 जून और 2 जुलाई की पूरी सीसीटीवी फुटेज हासिल कर ली है, जबकि 22 और 25 जून की फुटेज पहले ही एनालाइज की जा चुकी है।

14 जुलाई को एक कमेटी ने बद्रीनाथ धाम का दौरा किया। उन्होंने दान काउंटिंग रूम, ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।

मंदिर CEO और अन्य अधिकारियों से पूछताछ

SIT ने मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रंगड़ और उनके व्यक्तिगत सहायक अतुल डिमरी से भी पूछताछ की। जांच टीम ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम में बैठकर ऑपरेशनल लॉग्स चेक किए और रोजाना दान कैसे हैंडल होता है, इसकी पूरी प्रक्रिया समझी। कई और संदिग्धों की पहचान भी फुटेज से हो रही है।

राजेंद्र चौहान कोर्ट में पेशी

18 जुलाई 2026 को राजेंद्र चौहान को अदालत में पेश किया गया। आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि कोई भी दोषी नहीं बचेगा।

मंदिर दान व्यवस्था में सुधार की जरूरत

यह घटना हमें याद दिलाती है कि पवित्र स्थानों पर चढ़ाए गए चंदे का सही उपयोग कितना जरूरी है। बद्रीनाथ जैसे धाम में लाखों श्रद्धालु आते हैं। उनका विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए। CCTV, सख्त निगरानी और नियमित ऑडिट से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

निष्कर्ष: बद्रीनाथ दान चोरी मामला अभी भी जांच के अधीन है। SIT की तेज कार्रवाई सराहनीय है। उम्मीद है कि पूरी सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी। भक्तों का चंदा भगवान की सेवा में ही लगे, यही सबकी कामना है।

रिपोर्ट : इस्मा टाइम्स न्यूज़ डेस्क

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