चेन्नई। रविवार, 10 मई 2026 : जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में हजारों समर्थकों की जयकारों के बीच तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के संस्थापक सी. जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह समारोह सिर्फ शपथ ग्रहण नहीं था, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत था। लगभग छह दशकों तक सत्ता के बीच DMK और AIADMK के आलटे-फेरते शासन को खत्म करते हुए टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और विजय ने गठबंधन सरकार की कमान संभाली।
समारोह की सबसे चर्चित और महत्वपूर्ण बात यह रही कि कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के पूर्ण संस्करण से हुई। इसके बाद राष्ट्रगान जन गण मन और अंत में राज्य का आधिकारिक गीत तमिल थाई वाझथु गाया गया। यह क्रम पहले से चले आ रहे तमिलनाडु के सरकारी कार्यक्रमों से अलग था, जहां आमतौर पर राज्य गीत को प्राथमिकता दी जाती थी।
राष्ट्रवाद का मजबूत संदेश
वंदे मातरम के सभी छह छंद पूरे गाए गए। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के हालिया निर्देश के मुताबिक औपचारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम का पूर्ण रूप अनिवार्य किया गया है। टीवीके के शपथ ग्रहण में इसका सख्ती से पालन किया गया। कई राजनीतिक विश्लेषक इसे भाजपा के प्रति एक सकारात्मक मैसेज के रूप में देख रहे हैं। विजय, जिनकी पार्टी ने चुनाव में DMK को करारी शिकस्त दी, ने इस कदम से राष्ट्रीय एकता और भारतीयता को बढ़ावा देने का संकेत दिया।
समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मंच पर मौजूद थे। उन्होंने केंद्र सरकार पर लगे कुछ आरोपों की आलोचना की, लेकिन वंदे मातरम के पूर्ण गायन को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ। बल्कि पूरे माहौल में राष्ट्रभक्ति की लहर थी। राहुल गांधी और विजय के साथ सेल्फी का पल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मुख्यमंत्री तक का सफर
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में टीवीके ने शानदार प्रदर्शन किया। पहली बार चुनाव लड़ते हुए पार्टी ने 108 सीटें हासिल कीं और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। DMK 59 और AIADMK 47 सीटों पर सिमट गई। विजय ने खुद दो सीटों से दर्ज की। इसके बाद कांग्रेस, VCK, IUML और अन्य छोटे दलों के साथ गठबंधन कर उन्होंने 120 विधायकों का समर्थन हासिल किया और मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पेश की।
गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आरलेकर ने शनिवार को विजय को मुख्यमंत्री नियुक्त किया और रविवार को शपथ ग्रहण समारोह हुआ। नौ अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली। अभिनेता तृषा सहित कई फिल्मी हस्तियां भी मौजूद रहीं। समर्थकों ने स्टेडियम को भर रखा था। “थलपति! थलपति!” के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा।
विजय ने शपथ लेते समय भावुक होकर कहा कि यह तमिलनाडु के लिए नया सवेरा है। उन्होंने सेकुलरिज्म, सामाजिक न्याय और जन-केंद्रित शासन का वादा किया। अपनी पहली स्पीच में उन्होंने युवाओं, किसानों, महिलाओं, सरकारी कर्मचारियों और मछुआरों का खास तौर पर जिक्र किया।
राजनीतिक महत्व और विश्लेषण
यह घटना सिर्फ एक राज्य की नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए मायने रखती है। तमिलनाडु लंबे समय से द्रविड़ पार्टियों का गढ़ रहा है। यहां राष्ट्रीय गीतों को लेकर कभी-कभी संवेदनशीलता दिखाई जाती रही। लेकिन विजय के नेतृत्व में टीवीके ने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय गीतों के बीच संतुलन बनाते हुए एक नया रास्ता दिखाया।
कुछ वामपंथी और द्रविड़ पार्टियों के नेताओं ने तमिल थाई वाझथु को अंत में रखे जाने पर सवाल उठाया, लेकिन आम जनता और युवा वर्ग इसे राष्ट्रवाद का स्वागत योग्य कदम मान रहा है। BJP की ओर से भी इस पूरे वंदे मातरम गायन की सराहना की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि विजय केंद्र के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहते हैं, खासकर विकास कार्यों और केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए।
राजनीतिक सफर
सी. जोसेफ विजय, जिन्हें थलपति कहकर पुकारा जाता है, तमिल सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक रहे। उनकी फिल्में युवाओं पर गहरा असर छोड़ती रहीं। 2024 में उन्होंने टीवीके की स्थापना की और मात्र दो साल में पार्टी को सत्ता तक पहुंचा दिया। यह उनके करिश्मे, मेहनत और जन-संपर्क का नतीजा था।
उन्होंने चुनाव में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर फोकस किया। युवा मतदाताओं ने उन्हें खूब समर्थन दिया। अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सबसे बड़ी चुनौती गठबंधन को संभालना और वादों को पूरा करना होगी।
समारोह की झलकियां
समारोह में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। स्टेडियम के बाहर भी भारी भीड़ थी। लोग तिरंगे और टीवीके के झंडे लेकर आए थे। वंदे मातरम गूंजते ही सब खड़े हो गए और राष्ट्रगान के समय पूरा स्टेडियम एक स्वर में गूंज उठा। तमिल थाई वाझथु के साथ समापन हुआ, जो तमिल गौरव को भी जगह देता था।
राहुल गांधी ने समारोह में शामिल होकर कांग्रेस-टीवीके गठबंधन को मजबूती दी। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने नई पीढ़ी को चुना है।
आगे की राह
नई सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं — औद्योगिक विकास, किसानों की आय, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं को रोजगार। विजय ने व्हाइट पेपर जारी करने का वादा किया है ताकि पिछले शासनों की कमियों को सामने लाया जा सके।
यह शपथ ग्रहण समारोह सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था। यह तमिलनाडु में राष्ट्रवाद, क्षेत्रीय गौरव और नई राजनीति के मेल का प्रतीक बन गया। थलपति विजय अब सिनेमा की दुनिया से निकलकर पूरे राज्य की उम्मीदों का केंद्र बन चुके हैं।
Report : ITN Desk.
