औरंगाबाद (बिहार) : औरंगाबाद शहर से सटे बैजनाथ बिगहा इलाके में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश महासचिव और समाजसेवी सुनील कुमार यादव पर हुए कथित हमले की घटना इन दिनों इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। पीड़ित के अनुसार गुरुवार, 4 जून 2026 की रात करीब 1:30 बजे तीन अज्ञात लोग उनके घर में घुस आए और उनके साथ मारपीट की।
सुनील कुमार यादव, जो पहले जिला परिषद सदस्य का चुनाव भी लड़ चुके हैं, ने बताया कि घटना के समय इलाके की बिजली गुल थी। उनके मुताबिक तीनों अज्ञात लोग मुख्य गेट की दीवार फांदकर घर में दाखिल हुए और खुले रास्ते से छत तक पहुंच गए। उसी मकान में एक शिक्षक भी रहते हैं। पीड़ित का कहना है कि हमलावरों ने शिक्षक के कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर दी थी, जिससे घर के अन्य लोगों को घटना की भनक नहीं लग सकी।
सुनील कुमार यादव के अनुसार उस समय घर के सभी सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे। उन्होंने बताया कि करीब 20 मिनट तक उनके साथ मारपीट होती रही। चीखने-चिल्लाने के बावजूद कोई उनकी मदद के लिए नहीं पहुंच सका। पीड़ित का दावा है कि हमलावर उन्हें घसीटते हुए छत से नीचे तक ले आए और लगातार पीटते रहे।
उन्होंने बताया कि जब उन्हें लगा कि हमलावर उनकी जान भी ले सकते हैं, तब उन्होंने बेहोश होने का नाटक किया। पीड़ित के अनुसार तीनों हमलावर उन्हें मृत समझकर वहां से फरार हो गए। इसके बाद उन्होंने खुद को संभाला और परिवार के लोगों को पूरी घटना की जानकारी दी।
घटना के बाद स्थानीय थाने में लिखित शिकायत भी दी गई। हालांकि समाचार लिखे जाने तक, पीड़ित के मुताबिक, मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। इसके बावजूद सुनील कुमार यादव ने कहा कि उन्हें पुलिस प्रशासन पर पूरा भरोसा है।
उन्होंने बताया, “मैंने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की है और मुझे उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के बाद मुझे न्याय मिलेगा।”
पीड़ित के अनुसार तीनों हमलावरों ने अपने चेहरे गमछे से ढके हुए थे, जिससे उनकी पहचान नहीं हो सकी। घटना को लेकर इलाके में कई तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। कुछ लोग इसे स्थानीय राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
इसी बीच घटना की जानकारी मिलने पर रफीगंज विधानसभा क्षेत्र संख्या-224 से पूर्व लोक जनशक्ति पार्टी प्रत्याशी मनोज कुमार सिंह शनिवार की शाम सुनील कुमार यादव के आवास पहुंचे और उनका हालचाल जाना।
मौके पर मीडिया से बातचीत के दौरान मनोज कुमार सिंह ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसी सामाजिक व्यक्ति के साथ इस तरह की घटना होना चिंताजनक है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
जब उनसे पूछा गया कि क्या यह मामला राजनीतिक कारणों से जुड़ा हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना पुलिस जांच का विषय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तकनीकी साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाए तथा दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।
मनोज कुमार सिंह ने कहा कि औरंगाबाद की पहचान हमेशा भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के लिए रही है। यहां विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी चुनाव के बाद आपसी सम्मान और सहयोग बनाए रखते हैं। ऐसे में इस तरह की घटना लोगों को हैरान करने वाली है।
वहीं, सुनील कुमार यादव ने बताया कि 4 जून को उन्हें राजद सांसद अभय कुमार कुशवाहा के जन्मदिन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली जाना था, लेकिन वापसी का ट्रेन टिकट कन्फर्म नहीं होने के कारण वे यात्रा नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि 7 जून 2026 को उन्हें अपनी 25वीं वैवाहिक वर्षगांठ भी एक रिसोर्ट में मनानी थी, जिसकी तैयारी पूरी हो चुकी थी।
उन्होंने कहा कि यदि यात्रा का कार्यक्रम बन जाता तो संभवतः वह उस रात घर पर मौजूद नहीं होते। पीड़ित ने कहा कि अब तक उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि आखिर हमलावरों की मंशा क्या थी और उन्हें इतनी बेरहमी से क्यों पीटा गया।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों की नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस घटना के पीछे की असली वजह क्या निकलकर सामने आती है।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
