औरंगाबाद (बिहार) : बिहार के पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुरेश पासवान ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर सी.जे.पी. की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन के साथ-साथ देशभर में विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और छात्र संगठनों द्वारा महीनों से किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों का असर अब साफ़ दिखाई देने लगा है।
डॉ. पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार की हठधर्मी नीतियों और नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे के खिलाफ लगातार उठ रही आवाज़ों से सरकार पर दबाव बढ़ा। इसी दबाव का नतीजा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना पड़ा और सरकार को आंदोलनकारियों की दूसरी मांगों पर भी झुकना पड़ा।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग बार-बार यह कहते थे कि मोदी सरकार में कोई इस्तीफ़ा नहीं देता और धरना-प्रदर्शन से कुछ हासिल नहीं होता। कई आंदोलनों को सरकार ने दबा दिया, इसलिए लोगों को लगता था कि सी.जे.पी. और विपक्ष का यह आंदोलन भी उसी तरह खत्म हो जाएगा। लेकिन आज का घटनाक्रम ऐसे लोगों के लिए एक बड़ा सबक है।
डॉ. सुरेश पासवान ने कहा कि जब कोई मुद्दा देशहित और जन सरोकार से जुड़ा होता है, तो जनता ऐसे आंदोलनों को कमज़ोर नहीं पड़ने देती। यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत और ख़ूबसूरती है।
उन्होंने कहा कि आज की यह जीत सिर्फ़ किसी एक संगठन या दल की नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान, छात्र आंदोलन, संपूर्ण विपक्ष और देश की जनता की जीत है।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
