औरंगाबाद जिला उपभोक्ता अदालत का फैसला, बैंक और कंपनी को 8.60 लाख रुपये लौटाने का आदेश

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औरंगाबाद, बिहार | 25 सितंबर 2026: जिला उपभोक्ता अदालत, औरंगाबाद ने शुक्रवार को केस नंबर 23/14 में सुनवाई करते हुए उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया। मामले में अदालत ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, रफीगंज शाखा के शाखा प्रबंधक और ओम साई फार्म सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, पटना को शिकायतकर्ता को राशि वापस करने का आदेश दिया।

अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अदालत ने शिकायतकर्ता को 8 लाख 60 हजार रुपये की राशि वापस करने का निर्देश दिया है। इस राशि पर वाद दायर किए जाने की तिथि से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।

4 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश

मामले में अदालत ने आर्थिक और मानसिक परेशानी के लिए 4 लाख रुपये के मुआवजे का भी आदेश दिया है। अधिवक्ता के अनुसार, अदालत ने दोनों विपक्षियों को मामले में शिकायतकर्ता को हुई परेशानी और नुकसान के लिए जिम्मेदार माना है।

फैसले के अनुसार, मूल राशि और ब्याज के भुगतान को लेकर दोनों विपक्षियों की जिम्मेदारी तय की गई है।

हार्वेस्टर खरीदने के लिए लिया था ऋण

अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि मामले के शिकायतकर्ता रामस्नेही शर्मा, पौथू हार्वेस्टर खरीदना चाहते थे।

शिकायत के अनुसार, संबंधित कंपनी की ओर से हार्वेस्टर खरीदने के लिए 8 लाख 60 हजार रुपये लिए गए थे और बैंक के माध्यम से ऋण स्वीकृत कराने का भरोसा दिया गया था। हालांकि, शिकायतकर्ता के अनुसार ऋण स्वीकृत नहीं हुआ।

सेवा में कमी और अनुचित व्यापार का मामला

शिकायतकर्ता की ओर से अदालत में यह मामला रखा गया कि राशि लेने के बाद बैंक ऋण स्वीकृत नहीं होने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान और परेशानी का सामना करना पड़ा।

मामले में इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार से जुड़ा मामला बताया गया। अदालत के आदेश के बाद शिकायतकर्ता को राशि, ब्याज और मुआवजे के भुगतान का निर्देश दिया गया है।

दोनों पक्षों की ओर से अधिवक्ता हुए शामिल

मामले में शिकायतकर्ता रामस्नेही शर्मा की ओर से अधिवक्ता अनुप कुमार सिंह ने पक्ष रखा। वहीं विपक्षी की ओर से नारायण प्रसाद शर्मा अदालत में उपस्थित हुए।

अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद शिकायतकर्ता को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता को सेवा में कमी या अनुचित व्यापार व्यवहार के कारण हुए नुकसान की स्थिति में कानूनी राहत लेने का अधिकार है।

अदालत के इस आदेश से संबंधित पक्षों के बीच हार्वेस्टर खरीदने के लिए ऋण स्वीकृति और भुगतान से जुड़े विवाद का निस्तारण हुआ है।

रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.

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