अयोध्या राम मंदिर से जुड़े आरोपों पर सद्बुद्धि की कामना
अजय कुमार पाण्डेय, औरंगाबाद (बिहार), 11 अगस्त 2026: औरंगाबाद जिला मुख्यालय स्थित अपने आवास पर मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को कांग्रेस के पूर्व विधायक और वर्तमान जिला अध्यक्ष आनंद शंकर सिंह ने पार्टी के साथियों के साथ सुंदरकांड का विधिवत पाठ और हवन किया।
आनंद शंकर सिंह सदर विधानसभा क्षेत्र संख्या 223, औरंगाबाद से महागठबंधन समर्थित कांग्रेस के टिकट पर लगातार 10 वर्षों तक विधायक रह चुके हैं। उन्होंने अपने आवास पर मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-पाठ और हवन कराया।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य अयोध्या स्थित प्रभु श्रीराम के मंदिर में दान के रूप में दिए गए चंदे और आभूषणों की कथित चोरी से जुड़े लोगों को सद्बुद्धि मिलने की कामना करना है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
सुंदरकांड से समृद्धि और सद्बुद्धि की कामना
कार्यक्रम के बाद मौके पर मौजूद संवाददाताओं ने आनंद शंकर सिंह से सुंदरकांड पाठ और हवन के उद्देश्य को लेकर सवाल किया।
इस पर उन्होंने कहा कि सुंदरकांड का पाठ समृद्धि, सद्बुद्धि और वातावरण की शुद्धता के लिए किया जाता है, ताकि लोगों के मन में अच्छे विचार आएं।
उन्होंने कहा कि मंगलवार को आयोजित सुंदरकांड और हवन का मुख्य विषय अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में संबंधित लोगों के लिए सद्बुद्धि की कामना करना था।
राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर लगाए आरोप
आनंद शंकर सिंह ने अपने बयान में आरोप लगाया कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में आम लोगों, धनवानों और गरीबों की ओर से श्रद्धा और आस्था के साथ दिए गए दान और चढ़ावे में कथित तौर पर चोरी और अनियमितता हुई है।
उन्होंने इस मामले में भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोगों के करीबियों पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को भगवान राम के प्रति आस्था रखने वाले लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
पूर्व विधायक ने कहा कि सुंदरकांड और हवन का आयोजन ऐसे लोगों को सद्बुद्धि मिलने की प्रार्थना के लिए किया गया है, ताकि भगवान राम के मंदिर से जुड़ी आस्था और श्रद्धा को किसी तरह ठेस न पहुंचे।
ट्रस्ट की व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
आनंद शंकर सिंह ने राम मंदिर के लिए बनाए गए ट्रस्ट की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि सभी लोग भगवान राम की पूजा करते हैं और उनके प्रति लोगों की गहरी आस्था और विश्वास है। लेकिन उनके अनुसार, मंदिर के लिए बनाए गए ट्रस्ट को स्वायत्त रखा गया है।
उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट को स्वायत्त रखने का एक कारण यह है कि वह सरकार के सीधे अधीन नहीं होगा और उसमें सूचना के अधिकार यानी आरटीआई के तहत जानकारी मांगने की व्यवस्था नहीं है।
उन्होंने आगे दावा किया कि मामले में 40-40 प्रतिशत तक कमीशन की बातें सामने आई हैं और अनिल मिश्रा को सेल और परचेज से जुड़ा विभाग मिला हुआ था।
नृपेंद्र मिश्रा और चंपत राय का भी किया उल्लेख
कांग्रेस नेता ने अपने बयान में नृपेंद्र मिश्रा और चंपत राय का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि नृपेंद्र मिश्रा 2014 से 2019 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में प्रधान सचिव रहे हैं और उन्हें मंदिर ट्रस्ट में शामिल किया गया।
वहीं चंपत राय के बारे में उन्होंने कहा कि वह विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं।
अनिल मिश्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वह अवध प्रांत के प्रांतीय प्रमुख रहे हैं।
आनंद शंकर सिंह ने इन नेताओं और ट्रस्ट से जुड़े लोगों के संदर्भ में कई आरोप लगाए और कहा कि उनके संरक्षण में राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाएँ दी गईं।
‘भगवान राम को कम से कम छोड़ दें’
अपने बयान में कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और लोगों ने श्रद्धा के साथ वहां दान दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित चोरी से करोड़ों लोगों की भावनाएँ आहत हुई हैं।
उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्होंने सुंदरकांड पाठ और हवन के माध्यम से संबंधित लोगों के लिए सद्बुद्धि की प्रार्थना की है।
उन्होंने कहा कि भगवान राम में लोगों की आस्था और विश्वास है और सभी को इस आस्था का सम्मान करना चाहिए।
सुंदरकांड और हवन के जरिए दिया संदेश
आनंद शंकर सिंह ने कहा कि सुंदरकांड और हवन का उद्देश्य किसी धार्मिक भावना का विरोध करना नहीं, बल्कि भगवान राम के प्रति श्रद्धा रखने वाले लोगों की भावनाओं की रक्षा और कथित अनियमितताओं से जुड़े लोगों को सद्बुद्धि मिलने की प्रार्थना करना है।
उन्होंने कहा कि भगवान राम को लेकर करोड़ों लोगों की आस्था है और इस आस्था को किसी भी तरह से ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।
इसी संदेश के साथ उन्होंने अपने आवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और साथियों के साथ सुंदरकांड का पाठ कराया और हवन किया।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
