बाबा बैद्यनाथ धाम में हिन्दू-मुस्लिम एकता का संदेश दे रही हैं साबिया
बिहार, 11 अगस्त 2026: बाबा बैद्यनाथ धाम में चल रहे श्रावणी मेला के दौरान औरंगाबाद की स्वयंसेवी संस्था पथ प्रदर्शक की ओर से लगाए गए निःशुल्क कांवरिया सेवा शिविर में साबिया परवीन सेवा और सद्भाव की मिसाल पेश कर रही हैं।
पिछले 13 दिनों से साबिया दिन-रात कांवरिया श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी हुई हैं। वह शिविर में आने वाले श्रद्धालुओं को प्राथमिक चिकित्सा, मलहम-पट्टी और पैरों की मसाज सहित कई तरह की सेवाएं दे रही हैं।
साबिया की सेवा भावना श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। उनकी यह पहल हिन्दू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सद्भाव का भी खूबसूरत संदेश दे रही है।
‘सभी मानव पहले इंसान हैं’
साबिया परवीन का कहना है, “सभी मानव पहले इंसान हैं, उसके बाद जाति और धर्म आता है। जरूरतमंद की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है।”
कांवरिया श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति को देखकर साबिया काफी प्रभावित हुई हैं। यही वजह है कि उन्होंने अगले वर्ष सावन में सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर कांवर यात्रा करने और बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने का संकल्प लिया है।
कांवरियों की सेवा से मिल रही आत्मिक खुशी
औरंगाबाद के टिकरी रोड की रहने वाली साबिया बताती हैं कि कांवरियों की सेवा करके उन्हें आत्मिक खुशी मिल रही है। उनका कहना है कि दूर-दूर से पैदल चलकर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
उनके लिए यह सेवा केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इंसानियत से जुड़ा एक अनुभव है, जिसमें उन्हें लोगों की मदद करने और उनकी यात्रा के दौरान उनके काम आने का अवसर मिल रहा है।
पथ प्रदर्शक का पहला निःशुल्क कांवरिया सेवा शिविर
पथ प्रदर्शक के संस्थापक सह सचिव बमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि साबिया पूरे उत्साह और समर्पण के साथ कांवरिया श्रद्धालुओं की सेवा कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि पथ प्रदर्शक का यह पहला निःशुल्क कांवरिया सेवा शिविर है। संस्था की योजना है कि आने वाले वर्षों में भी श्रावणी मेला के दौरान इस तरह का शिविर लगाकर कांवरिया श्रद्धालुओं की सेवा की जाएगी।
अन्य महिलाएं भी सेवा में दे रही हैं योगदान
सेवा शिविर में साबिया परवीन के साथ किरण कुमारी, पूजा कुमारी और पूनम देवी भी लगातार कांवरिया श्रद्धालुओं की सेवा में योगदान दे रही हैं।
शिविर में श्रद्धालुओं को निःशुल्क प्राथमिक चिकित्सा सहित कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
साबिया परवीन की यह सेवा श्रावणी मेला की भीड़ के बीच इंसानियत, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव की एक ऐसी तस्वीर सामने रखती है, जिसमें मदद के लिए जाति और धर्म से ऊपर उठकर इंसान को इंसान के रूप में देखा जा रहा है।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
