औरंगाबाद (बिहार): जिला केंद्रीय पुस्तकालय में बुधवार को पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉक्टर एस. आर. रंगनाथन का जन्म दिवस लाइब्रेरियन डे के रूप में मनाया गया। इस मौके पर सबसे पहले केक काटा गया और कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों और पाठकों के बीच मिठाइयां बांटी गईं।
कार्यक्रम पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर पुस्तकालय अध्यक्ष मिथलेश कुमार ने बताया कि पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉक्टर एस. आर. रंगनाथन का जन्म दिवस हर साल पुस्तकालय कक्ष में धूमधाम से मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि नियमित रूप से किताबें पढ़ने से पढ़ने की आदत विकसित होती है। इससे हमारी भाषा, तर्कशक्ति और अपनी बात को बेहतर तरीके से रखने की क्षमता मजबूत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के डिजिटल दौर में मोबाइल और इंटरनेट के जरिए जानकारी आसानी से मिल जाती है, लेकिन इसके बावजूद पुस्तकों के अध्ययन की अहमियत आज भी बनी हुई है।
कार्यक्रम के दौरान पुस्तकालय के वाचनालय कक्ष में राज्य स्तर के कई कवियों और स्थानीय कवियों ने अपनी लयबद्ध कविताओं और हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियों से श्रोताओं का दिल जीत लिया। उनकी प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को खुशनुमा बना दिया।
इस मौके पर वरीय कोषागार पदाधिकारी महंत स्वरूप, अधिवक्ता प्रकाश नारायण, प्रधान शिक्षक सुनील कुमार उर्फ मोनू, अनिल कुमार मिश्रा, नागेंद्र कुमार दुबे, अनिल अनल, अनुज बेचैन, विनय मामूली बुद्धि, ओम प्रकाश पाण्डेय, धनंजय जयपुरी, मनोज पाठक, सहायक पुस्तकालय अध्यक्ष श्रीमती सीमा कुमारी, राजश्री और निक्की कुमारी समेत बड़ी संख्या में पाठक और श्रोता मौजूद रहे।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
