परता पंचायत में जन सहयोग शिविर पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने लगाया जानकारी छिपाने का आरोप

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औरंगाबाद (बिहार)। बिहार सरकार की ओर से प्रत्येक पंचायत में आयोजित किए जाने वाले जन सहयोग शिविर को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कई जगहों पर यह कार्यक्रम केवल खानापूर्ति तक सीमित होकर रह गया है। अधिकारी, बिचौलिये और त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों पर केवल रस्म अदायगी पूरी करने का आरोप लगाया जा रहा है।

ऐसा ही एक मामला औरंगाबाद जिले के कुटुंबा प्रखंड की ग्राम पंचायत परता के पंचायत मुख्यालय में मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को आयोजित जन सहयोग शिविर से सामने आया है।

ग्रामीणों की बात मानें तो इस शिविर की जानकारी पंचायत के करीब 80 से 90 प्रतिशत लोगों को नहीं थी। इसी मामले को लेकर परता पंचायत के वार्ड नंबर 04 निवासी तौफीक अनवर ने शिविर में लिखित आवेदन देकर शिकायत की है।

अपने आवेदन में तौफीक अनवर ने आरोप लगाया है कि पंचायत के अधिकांश लोगों को शिविर की जानकारी जानबूझकर नहीं दी गई, ताकि ग्रामीण योजनाओं में हो रही कथित लूट, भ्रष्टाचार और मनमानी की शिकायत शिविर में नहीं कर सकें।

प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी शिकायत

तौफीक अनवर ने अपने लिखित आवेदन में ग्राम पंचायत परता में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बिचौलियों, स्थानीय अधिकारियों और मुखिया के कथित चहेतों की मिलीभगत से आवास योजना के नाम पर पैसे की वसूली की जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया है कि इसका विरोध करने पर धमकी देने और सबक सिखाने की बात कही जाती है।

आवेदन में तौफीक अनवर ने यह भी बताया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने के सिलसिले में एक महिला और उसके साथ एक अज्ञात व्यक्ति उनके पास आए थे। उनके अनुसार, दोनों ने उनसे 3,000 रुपये की मांग की थी। तौफीक अनवर का कहना है कि उनकी जानकारी के मुताबिक वह महिला आवास सहायक के रूप में कार्यरत थी।

उन्होंने दावा किया है कि पैसे लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए लाभुकों की सूची तैयार की जा रही है।

शिविर की जानकारी नहीं मिलने पर उठाया सवाल

शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में इस बात पर भी हैरानी जताई है कि 18 अगस्त 2026 को आयोजित जन सहयोग शिविर यानी जनसुनवाई की जानकारी पंचायत के करीब 90 प्रतिशत लोगों को नहीं थी।

उन्होंने इसे गंभीर समस्या बताते हुए सवाल उठाया है कि अगर ग्रामीणों को ही शिविर की जानकारी नहीं होगी, तो वे अपनी समस्याएं और शिकायतें अधिकारियों के सामने कैसे रख पाएंगे।

फिलहाल, तौफीक अनवर की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.

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