औरंगाबाद (बिहार) : राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 139 को फोरलेन बनाने की मांग को लेकर जिला मुख्यालय स्थित अनुग्रह मध्य विद्यालय के मुख्य द्वार के पश्चिम दिशा में बने डिवाइडर के पास एक दिवसीय धरना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह धरना राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 139 फोरलेन संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित हुआ, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने भाग लिया।
धरना कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने बारी-बारी से अपने विचार रखे और कहा कि नियमों के अनुसार जिस सड़क पर प्रतिदिन करीब 12 हजार वाहन चलते हैं, उसे फोरलेन में बदला जाता है। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 139 पर रोजाना 40 हजार से लेकर 60 हजार तक वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद अब तक इस सड़क को फोरलेन बनाने की मंजूरी नहीं मिल सकी है।
वक्ताओं ने कहा कि इस मार्ग पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इतनी अधिक यातायात व्यवस्था और बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए यह सड़क कई वर्ष पहले ही फोरलेन बन जानी चाहिए थी। उनका कहना था कि वर्तमान हालात के अनुसार तो इस सड़क को सिक्स लेन में तब्दील कर दिया जाना चाहिए था, लेकिन आज तक फोरलेन की स्वीकृति भी नहीं मिल पाई है।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 139 कई राज्यों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में इसकी अनदेखी करना आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा दोनों के लिए चिंता का विषय है। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि इस मांग को पूरा कराने के लिए लंबी लड़ाई लड़नी होगी और जब तक लगातार दबाव नहीं बनाया जाएगा, तब तक केंद्र सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान नहीं देगी।
धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए औरंगाबाद के वरीय पत्रकार प्रमेंद्र मिश्रा ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि गया में आयोजित एक जनसभा के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने स्वयं कहा था कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 139 को फोरलेन बनाया जाना चाहिए।
प्रमेंद्र मिश्रा ने कहा कि जब वे पहले दिल्ली गए थे, तब उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से करीब आधे घंटे तक इस विषय पर चर्चा की थी और सड़क को फोरलेन बनाने की मंजूरी देने का आग्रह भी किया था। उस समय मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रशासन की ओर से भी फोरलेन की मंजूरी के लिए पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि फोरलेन की मांग को लेकर सड़क जाम करना उचित नहीं होगा, क्योंकि इससे आम लोगों को ही परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उनके अनुसार सड़क जाम आंदोलन का अंतिम विकल्प होना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आज का दौर सोशल मीडिया का है। यदि राष्ट्रीय राजमार्ग 139 को फोरलेन बनवाना है तो लोगों को प्रतिदिन व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और ईमेल के माध्यम से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, पीएमओ कार्यालय और अन्य संबंधित जनप्रतिनिधियों तक अपनी बात पहुंचानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब लगातार सोशल मीडिया पर इस मुद्दे से जुड़े पोस्ट दिखाई देंगे, तब इस विषय की ओर जिम्मेदार लोगों का ध्यान जाएगा और संभव है कि फोरलेन की मंजूरी मिलने का रास्ता भी आसान हो सके।
धरना कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 139 पर स्थित दुमुहान पुल के पास डायवर्सन निर्माण की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। लोगों का कहना था कि वहां डायवर्सन बनने से आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।
इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व औरंगाबाद जिलाध्यक्ष रामानुज पाण्डेय, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, कांग्रेस नेता चुलबुल सिंह, राष्ट्रीय जनता दल के नेता सुबोध कुमार सिंह, शंकर यादव, बिंदु, रविंद्र सिंह तथा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पूर्व प्रवक्ता सौरभ कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
