औरंगाबाद (बिहार): जिला मुख्यालय औरंगाबाद के ब्लॉक मोड़ के पास स्थित पृथ्वीराज स्मृति भवन के परिसर में महान शिक्षाविद्, आगरा यूनिवर्सिटी के संस्थापक और ग्राम करहरी निवासी पंडित गंगाधर शास्त्री का महोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
यह आयोजन पृथ्वीराज चौहान चैरिटेबल ट्रस्ट और पंडित गंगाधर शास्त्री महोत्सव आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वस्तिवाचन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस मौके पर ट्रस्ट अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप नारायण सिंह, जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह, ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष जगदीश सिंह, गणितज्ञ शिवपूजन सिंह, समकालीन जवाबदेही पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ. सुरेंद्र प्रसाद मिश्र, आयोजन समिति के अध्यक्ष अभिषेक कुमार, सचिव श्याम दत्त मिश्र, माधव मुकुंद मिश्रा, संरक्षक अजीत मिश्रा, ट्रस्ट के राम प्रवेश सिंह, चंद्र प्रकाश विकास, डॉ. संजीव रंजन, पर्यावरणविद् डॉ. रामाधार सिंह, संज्ञा समिति के अध्यक्ष अशोक पाण्डेय सहित कई लोग मौजूद रहे।
दो सत्रों में आयोजित इस कार्यक्रम के पहले सत्र की अध्यक्षता राघवेंद्र प्रताप नारायण सिंह ने की, जबकि मंच संचालन सुरेश विद्यार्थी ने किया।
गंगाधर शास्त्री के योगदान को किया याद
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पंडित गंगाधर शास्त्री के व्यक्तित्व और उनके कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि सैकड़ों वर्ष पहले पंडित गंगाधर शास्त्री सिंधिया राजघराने गए थे। वहां अपनी विद्वत्ता के कारण वे काफी लोकप्रिय हुए और उन्हें राजपुरोहित नियुक्त किया गया।
वक्ताओं के मुताबिक, उन्हें हजारों एकड़ जमीन दान में मिली थी। इसी जमीन पर उन्होंने आगरा कॉलेज और यूनिवर्सिटी की स्थापना कराई और जनहित के कार्यों के लिए अपना सर्वस्व दान कर दिया।

इसी मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप नारायण सिंह ने पंडित गंगाधर शास्त्री को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग उठाई।
दूसरे सत्र में हुआ कवि सम्मेलन
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। डॉ. सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुए कवि सम्मेलन का संचालन हास्य-व्यंग्य के कवि विनय मामूली बुद्धि ने किया।
कवि सम्मेलन में महामंत्री धनंजय जयपुरी, अनुज बेचैन, श्रीराम राय, ओम प्रकाश पाण्डेय, डॉ. सुमन लता, सुषमा सिंह, श्वेता कुमारी सिंह, उज्जवल रंजन, लवकुश प्रसाद सिंह और हिमांशु चक्रपाणि सहित अन्य कवियों ने अपनी-अपनी काव्य रचनाएं पेश कीं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बांधा समां
रविंद्र कुमार के नेतृत्व में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें सविता सिन्हा, शिवांगी सिंह, अंजली सिंह, अमिषा गायकवाड, निहारिका, पल्लवी खुशबू ने लोक संगीत और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के दौरान सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न महोत्सवों के आयोजकों को सम्मानित किया गया।
सत्यचंडी धाम से अमरेश सिंह और राजेंद्र सिंह, जौहरिया महोत्सव से विनय कुमार सिंह, कल्पवृक्ष धाम महोत्सव से अशोक कुमार सिंह, दोमुहान महोत्सव से सिहेश सिंह, विष्णु धाम महोत्सव से कुंदन सिंह और धनवंतरी महोत्सव से सुरेंद्र वैद्य को सम्मानित किया गया।
इस मौके पर दिनेश मिश्रा, रौशन मिश्रा, डॉ. ज्ञानेश्वर सिंह, विकास कुमार सिंह, राम भजन सिंह, मनोज कुमार सिंह, प्रोफेसर राजेंद्र सिंह, अनिल सिंह सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
