हिंदी दिवस पर आत्ममंथन की जरूरत, वक्ताओं ने कहा- हिंदी को मिले उसका उचित स्थान
बिहार में हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने हिंदी की स्थिति, शिक्षा में उसके महत्व और भाषा को उचित स्थान दिलाने के लिए आत्ममंथन की जरूरत पर जोर दिया।
बिहार में हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने हिंदी की स्थिति, शिक्षा में उसके महत्व और भाषा को उचित स्थान दिलाने के लिए आत्ममंथन की जरूरत पर जोर दिया।
देवघर के अटल लैंग्वेज लैब में शब्दवीणा की झारखंड प्रदेश और देवघर जिला समिति ने गोस्वामी तुलसीदास की स्मृति में संगोष्ठी आयोजित की। साहित्यकारों और विद्यार्थियों ने प्रस्तुतियां देकर तुलसीदास के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा की।
गया जी, बिहार | 29 अगस्त 2026 — राष्ट्रीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ‘शब्दवीणा’ की कर्नाटक प्रदेश समिति की ओर से सावन और हरियाली को समर्पित मासिक काव्यगोष्ठी ‘मनभावन सावन’ का आयोजन किया गया। इस साहित्यिक आयोजन में देश के अलग-अलग प्रदेशों से जुड़े रचनाकारों ने सावन, बारिश, बादल, प्रकृति, हरियाली, झूला और रक्षाबंधन जैसे…
शब्दवीणा की ‘मनभावन सावन’ काव्यगोष्ठी में देशभर के रचनाकारों ने सावन, बारिश, प्रकृति, हरियाली और रक्षाबंधन पर गीत, ग़ज़ल, दोहे और मुक्तक प्रस्तुत किए।
औरंगाबाद में पंडित गंगाधर शास्त्री महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में उनके शिक्षा और जनहित के योगदान को याद करते हुए मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग उठी।
नई दिल्ली में आयोजित समारोह में वरिष्ठ कवियत्री और समाजसेवी सुनीता बंसल को ‘वूमन ऑफ विजन सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। जानिए उनकी समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण, साहित्य और प्रेरक जीवन यात्रा की पूरी कहानी।
शब्द वीणा की ऑनलाइन साहित्यिक भेंटवार्ता ‘सत्यम् शिवम् सुंदरम्’ में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कनक लता तिवारी ने गीत, ग़ज़ल, दोहे और मुक्तकों की शानदार प्रस्तुति देकर श्रोताओं का मन मोह लिया।
शब्दवीणा द्वारा आयोजित ऑनलाइन काव्यानुष्ठान “बरखा रानी तू आ जा रे” में देशभर के कवियों ने बारिश, बादल, सावन, किसानों और प्रकृति पर आधारित मनमोहक रचनाएँ प्रस्तुत कीं।
Weekly poetic event “Shabdveena Srijan Trividhā” in Gaya, Bihar, featured soulful performances by poets Anamika Anu, Narendra Singh, and Chitranjan Chainpura under the direction of Dr. Rashmi Priyadarshani and Kirti Yadav.
An inspiring story of Pooja Rituraj from Aurangabad, Bihar — a true social worker dedicated to education, culture, and women empowerment.