नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को एक बड़े संगठनात्मक फेरबदल के तहत अपने आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय को पद से हटा दिया। उनकी जगह दीपक म्हस्के को पार्टी के सोशल मीडिया विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। यह बदलाव ऐसे वक्त हुआ है, जब पार्टी की सोशल मीडिया रणनीति और खास तौर पर युवाओं तक उसकी पहुंच को लेकर अंदर से भी सवाल उठ रहे हैं।
2015 से संभाल रहे थे आईटी सेल की कमान
अमित मालवीय को 2015 में तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के कार्यकाल में BJP के आईटी सेल का राष्ट्रीय प्रमुख बनाया गया था। उसी साल मालवीय और अरविंद गुप्ता को पार्टी के आईटी, वेबसाइट और सोशल मीडिया प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
करीब 11 साल तक इस भूमिका में रहने वाले मालवीय को पार्टी के डिजिटल नैरेटिव को आकार देने में अहम चेहरा माना जाता रहा। खास तौर पर चुनावों के दौरान पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने और सोशल मीडिया पर विपक्ष से आगे रहने में उनकी भूमिका की सराहना BJP के भीतर कई नेताओं ने की।
Gen Z के प्रदर्शन के बाद उठे सवाल
यह फेरबदल Gen Z के नेतृत्व में हुए Cockroach Janta Party (CJP) के प्रदर्शनों के बाद सामने आया है। इन प्रदर्शनों के दौरान BJP की मीडिया टीम, जिसमें आईटी सेल भी शामिल था, पर कई लोगों ने सवाल उठाए। RSS विचारक रतन शारदा ने भी पार्टी की सोशल मीडिया टीम पर जमीनी हकीकत से कटे होने की आलोचना की थी।
शारदा इससे पहले अमित मालवीय को नागरिकों को “ट्रोल” करने के लिए भी निशाने पर ले चुके थे और इसे उन्होंने “गंभीर समस्या” बताया था।
बजट पर पोस्ट को लेकर रतन शारदा की नाराज़गी
यह मामला 2024 के बजट से जुड़ा था। निर्मला सीतारमण के उस बजट फैसले की आलोचना हो रही थी, जिसमें संपत्ति की बिक्री पर इंडेक्सेशन का प्रावधान खत्म किया गया था।
इस पर अमित मालवीय ने X पर तंज करते हुए लिखा था, “आज रात हर कोई इंडेक्सेशन विशेषज्ञ है।” उन्होंने बाद में यह पोस्ट हटा दी थी।
मालवीय की इस टिप्पणी पर रतन शारदा ने कहा था कि BJP आईटी सेल का यह रवैया “गंभीर समस्या” है। उनका कहना था कि बजट 2024 की अच्छी बातों को आसान भाषा में समझाने के बजाय नागरिकों को ट्रोल किया जा रहा है। उन्होंने मालवीय को सलाह दी थी कि लोगों के डर और आशंकाओं का जवाब दें, उनका अपमान न करें।
केंद्रीय नेतृत्व की नाराज़गी भी बनी वजह
BJP के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, पार्टी में पहले भी कई नेताओं को बदला गया, लेकिन अमित मालवीय को लंबे समय तक केंद्रीय नेतृत्व का समर्थन मिलता रहा। हालांकि, हाल के वर्षों में यह स्थिति बदल गई।
एक वरिष्ठ BJP नेता ने कहा, “हर समय आक्रामकता काम नहीं करती, थोड़ा तर्क भी होना चाहिए।”
उनके मुताबिक, हाल की कुछ घटनाओं, जिनमें विदेशी संबंधों से जुड़े कुछ पोस्ट भी शामिल थे, को लेकर केंद्रीय टीम मालवीय के आईटी सेल प्रमुख के तौर पर काम से खुश नहीं थी।
हालांकि पार्टी के भीतर एक वर्ग अब भी मालवीय की “नैरेटिव सेटिंग” की क्षमता की तारीफ करता है। इस वर्ग का मानना था कि खासकर चुनावों के दौरान उन्होंने BJP को प्रतिस्पर्धा में आगे रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, पार्टी के दूसरे हिस्से को लगा कि कुछ मामलों में “कुछ सीमाएं” पार हो गई थीं।
पश्चिम बंगाल में भी हुई थी आलोचना
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश से आने वाले अमित मालवीय BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुके हैं। 2020 में 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले उन्हें पश्चिम बंगाल का सह-प्रभारी बनाया गया था।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 2009 में उन्होंने friendsofbjp.org नाम से एक मंच शुरू किया था और इसी माध्यम से उनका BJP से जुड़ाव हुआ।
पश्चिम बंगाल में सह-प्रभारी रहते हुए भी उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने राज्य BJP के वरिष्ठ नेताओं को पर्याप्त समय या मुलाकात का अवसर नहीं दिया।
नई टीम के साथ सोशल मीडिया विभाग में बड़ा बदलाव
ThePrint की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में बनी नई टीम के बाद BJP के पूरे सोशल मीडिया ढांचे में बदलाव किया गया है। अलग-अलग राज्यों से चार नए समन्वयक नियुक्त किए गए हैं। दीपक म्हस्के के साथ प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव को सोशल मीडिया के सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।
एक BJP पदाधिकारी ने कहा कि व्यक्ति के भीतर गरिमा होनी चाहिए और उसे एक निश्चित स्तर से नीचे नहीं गिरना चाहिए। उनके मुताबिक, कई बार पार्टी की कुछ पोस्ट को झूठ फैलाने वाला बताया गया और उन्हें फेक न्यूज के तौर पर भी चिन्हित किया गया। कुछ समय तक इसे नजरअंदाज किया गया, लेकिन इसे सामान्य चलन नहीं बनने दिया जा सकता।
सुब्रमण्यम स्वामी से भी हुआ था विवाद
अमित मालवीय का विवाद BJP के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के साथ भी हुआ था।
स्वामी ने आरोप लगाया था कि BJP आईटी सेल उनके खिलाफ फर्जी ट्वीट्स के जरिये अभियान चला रहा है। उन्होंने मालवीय को हटाने की मांग करते हुए पार्टी को अल्टीमेटम भी दिया था।
WhatsApp और Facebook नेटवर्क रहा बड़ी ताकत
सूत्रों के मुताबिक, अमित मालवीय और उनकी टीम ने WhatsApp और Facebook के व्यापक नेटवर्क के जरिए मतदाताओं तक पहुंच बनाने में अहम भूमिका निभाई। इसी डिजिटल नेटवर्क की वजह से पार्टी कई मौकों पर अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे रहने में कामयाब रही।
लेकिन हाल के Gen Z प्रदर्शनों ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि पार्टी का युवाओं के साथ संपर्क कितना मजबूत रह गया है।
एक अन्य BJP नेता ने कहा कि Gen Z और BJP के बीच निश्चित तौर पर एक दूरी दिखाई दी। सोशल मीडिया के मामले में युवाओं तक पहुंचने के लिए अब भी वही पुराने तौर-तरीके इस्तेमाल किए जा रहे थे। उनके मुताबिक, Instagram पर भी पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं था। युवाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए नए पोस्ट और विज्ञापनों तक की Gen Z ने आलोचना की।
11 साल बाद नए चेहरों और नए विचारों की जरूरत
हालांकि BJP के एक वरिष्ठ नेता ने मालवीय के काम का बचाव किया। उनका कहना था कि मालवीय ने पिछले 11 वर्षों के दौरान BJP की सोशल मीडिया रणनीति को प्रभावी ढंग से आकार दिया और इससे पार्टी को अपने मूल मतदाताओं तक पहुंचने में मदद मिली।
उन्होंने कहा कि हर चीज की एक समय-सीमा होती है और मालवीय ने अब तक जो काम किया, वह काफी अच्छा था। लेकिन अब पार्टी को नए चेहरों और नए विचारों को आगे बढ़ाने की जरूरत है। लंबे समय तक एक ही पद पर बने रहने से कभी-कभी रचनात्मकता प्रभावित होती है और Gen Z के प्रदर्शन के दौरान पार्टी की प्रतिक्रिया भी इसका संकेत देती है।
मालवीय ने नई टीम को दी बधाई
संगठनात्मक बदलाव के बाद अमित मालवीय ने X पर नई टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि BJP के सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनकी शुभकामनाएं हैं और ये नियुक्तियां ऐसे अहम वक्त पर हुई हैं, जब पार्टी देश के हर कोने तक अपने संदेश और संगठन को पहुंचाते हुए नई ऊंचाइयों की तैयारी कर रही है।
उन्होंने खास तौर पर दीपक म्हस्के को बधाई दी, जो BJP के सोशल मीडिया विभाग के प्रमुख के तौर पर उनकी जगह ले रहे हैं। साथ ही उन्होंने सह-संयोजक प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव को भी शुभकामनाएं दीं। मालवीय ने कहा कि पिछले एक दशक में उन्हें इन सभी के साथ करीब से काम करने का अवसर मिला है और उन्हें भरोसा है कि उनके नेतृत्व में BJP का डिजिटल संचार नई उपलब्धियां हासिल करेगा तथा भारत के सार्वजनिक विमर्श को दृढ़ता, रचनात्मकता और स्पष्टता के साथ प्रभावित करता रहेगा।
मालवीय ने सोशल मीडिया पर BJP के विशाल समर्थन आधार का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने इसे प्रतिबद्धता, ऊर्जा और विचारों से भरा हुआ समुदाय बताया। उनके मुताबिक, यह परिवार अच्छे और मुश्किल दोनों दौर में साथ खड़ा रहा और भारत के सार्वजनिक विमर्श को नए रूप में ढालने में निर्णायक भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों तक इस जिम्मेदारी को संभालते हुए उन्हें इस समुदाय के बहुत से लोगों से मिलने और बातचीत करने का अवसर मिला और ये मुलाकातें उनके लिए हमेशा खास रहेंगी।
रिपोर्ट : इस्मा टाइम्स न्यूज़ डेस्क.
