औरंगाबाद (बिहार): प्राप्त जानकारी के अनुसार, 13 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी ने मंडल कारा, औरंगाबाद में बंदियों के साथ हो रहे कथित अत्याचार, जेल मैन्युअल के उल्लंघन और बंदियों को मिलने वाले आहार में कथित लूट एवं मनमानी की जांच के लिए एक जांच कमिटी का गठन किया था। इस कमिटी में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह और सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह को शामिल किया गया था।
हालांकि, अब तक इस जांच में क्या पाया गया, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। जांच प्रतिवेदन भी अभी तक सामने नहीं आया है।
इस मामले को लेकर माकपा के जिला सचिव कपील कुमार सिंह ने कहा कि जांच प्रतिवेदन को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि पूरी उम्मीद है कि यह जांच भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है।
कपील कुमार सिंह ने कहा कि अगर जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई और जांचकर्ताओं की ओर से दोषी लोगों को बचाने का प्रयास किया गया, तो माकपा आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी सदन में सरकार से इस मामले को लेकर सवाल करेगी।
माकपा जिला सचिव ने पटना में 16-17 अगस्त 2026 को हुई पार्टी की राज्य कमिटी की बैठक से लौटने के बाद एक भेंटवार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जल्द ही जिला कमिटी की बैठक आयोजित की जाएगी। इसी बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
