बिहार प्रदेश, 19 अगस्त 2026: बिहार राज्य से झारखंड के अलग होने के बाद पूर्व के एकीकृत बिहार की दूसरी राजधानी रांची की तर्ज पर अब गयाजी को बिहार की दूसरी राजधानी बनाने की मांग उठी है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार से गयाजी को सूबे की दूसरी राजधानी बनाने की मांग की है।
इस मांग को लेकर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, दामोदर गोस्वामी, टिंकू गिरी, शिव कुमार चौरसिया, प्रद्युम्न दुबे, रूपेश चौधरी, अशोक राम और मुन्ना मांझी सहित अन्य नेताओं ने संयुक्त रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी की।
गयाजी में विकास की संभावनाओं को लेकर रखी बात
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गयाजी में बिहार की दूसरी राजधानी बनने की सभी योग्यताएं मौजूद हैं। उनका मानना है कि गयाजी को दूसरी राजधानी बनाए जाने से शहर और आसपास के क्षेत्रों के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
उन्होंने कहा कि गयाजी में पटना उच्च न्यायालय का बेंच स्थापित होने, एम्स की तर्ज पर अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज के विकास, गयाजी को रामायण सर्किट से जोड़ने और शहर को देश के स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल करने सहित कई क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।
देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी होगी सुविधा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गयाजी का अपना ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। यह शहर अति प्राचीन होने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रसिद्ध है और विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी खास पहचान रखता है।
उन्होंने कहा कि गयाजी मोक्ष और ज्ञान की धरती है। यहां हर साल बड़ी संख्या में हिंदू और बौद्ध धर्मावलंबी आते-जाते हैं। गयाजी को बिहार की दूसरी राजधानी बनाए जाने से देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को भी काफी सहूलियत होगी।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार से गयाजी के ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन महत्व को देखते हुए इसे बिहार की दूसरी राजधानी बनाने की दिशा में गंभीरता से विचार करने की मांग की है।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
