औरंगाबाद (बिहार): जिला मुख्यालय में सिन्हा कॉलेज मोड़ के समीप मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को श्याम स्टील कंपनी के अधिकृत डीलर सत्यम ट्रेडर्स के व्यावसायिक केंद्र पर ग्राहकों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। सत्यम ट्रेडर्स के संचालक मनोज कुमार सिंह के परिसर में हुई इस बैठक में कंपनी के अधिकारियों ने ग्राहकों को सरिया की गुणवत्ता और उसकी निर्माण प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी दी।
बैठक के दौरान कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि घर या किसी अन्य भवन के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। खासकर सरिया भवन की मजबूती में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए खरीदारी करते समय उसकी गुणवत्ता और मानकों की जानकारी लेना जरूरी है।
कंपनी अधिकारी ने सरिया की गुणवत्ता के बारे में बताया
बैठक में श्याम स्टील के डीजीएम टेक्निकल एवं बिहार हेड गिरीश चंद्र श्रीवास्तव ने ग्राहकों को कंपनी के उत्पाद से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी का सरिया इंटीग्रेटेड प्रक्रिया से तैयार किया जाता है।
उनके अनुसार, इंटीग्रेटेड स्टील उत्पादन में खनिज आधारित कच्चे माल से उत्पादन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से कंपनी अपने उत्पाद की शुद्धता और गुणवत्ता को लेकर विशेष भरोसा जताती है।
सरिया में मजबूती और लचीलापन पर जोर
गिरीश चंद्र श्रीवास्तव ने सरिया की मजबूती और लचीलेपन को भवन निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाला सरिया निर्धारित मानकों पर खरा उतरना चाहिए, क्योंकि किसी भी भवन या ढांचे की मजबूती में इसकी अहम भूमिका होती है।
उन्होंने श्याम स्टील के सरिया की ऊंचाई, फ्लेक्सिबिलिटी और मोटाई से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी दी। उनके मुताबिक, सरिया की लंबाई के दौरान कुछ हिस्सों में मोटाई में अंतर दिखाई दे सकता है, लेकिन दोनों सिरों पर मोटाई समान रहती है।
रिंग बनाने के दौरान क्रैक को लेकर भी दी जानकारी
बैठक में सरिया से रिंग तैयार करने के दौरान उसकी गुणवत्ता का असर भी समझाया गया। कंपनी के अधिकारियों ने दावा किया कि श्याम स्टील के सरिया से रिंग तैयार करने पर सामान्य परिस्थितियों में क्रैक की समस्या नहीं आती।
इसके विपरीत, उन्होंने कम गुणवत्ता वाले सरिया में रिंग तैयार करते समय दरार आने की संभावना की बात कही। इस दौरान ग्राहकों को सरिया की निर्माण प्रक्रिया और उसके तकनीकी गुणों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।
खनिज आधारित कच्चे माल से उत्पादन का दावा
कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनके सरिया के निर्माण में खनिज लोहा, आयरन, कोयला और डोलोमाइट जैसे कच्चे माल का इस्तेमाल किया जाता है। बैठक में स्टील उत्पादन की प्रक्रिया को भी ग्राहकों के सामने सरल तरीके से समझाने का प्रयास किया गया।
कंपनी की स्थापना से जुड़ी जानकारी देते हुए बताया गया कि श्याम स्टील की शुरुआत वर्ष 1953 में संस्थापक श्याम सुंदर बेरीवाल ने की थी। वर्तमान में कंपनी के एमडी ललित बेरीवाल हैं।
ग्राहकों ने पूछे गुणवत्ता से जुड़े सवाल
बैठक में मौजूद ग्राहकों ने भी कंपनी के अधिकारियों से सरिया की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया को लेकर कई सवाल किए। अधिकारियों ने एक-एक करके उनके सवालों का जवाब दिया और उत्पाद की विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बैठक में सरकारी अधिवक्ता राजाराम चौधरी के अलावा गंगटी गांव निवासी कृष्णा यादव, मदन यादव, साधु यादव, पुरुषोत्तम सिंह समेत अन्य ग्राहक मौजूद रहे। सभी ने कंपनी के प्रतिनिधियों के सामने अपनी जिज्ञासाएं रखीं।

कंपनी के कई अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में डीजीएम टेक्निकल एवं बिहार हेड गिरीश चंद्र श्रीवास्तव के साथ आरएसएम ओम प्रकाश सिंह, सुबोध कुमार, सेल्स ऑफिसर दीपक पाण्डेय और कुंदन कुमार भी उपस्थित रहे।
ग्राहकों और कंपनी अधिकारियों के बीच हुई इस बातचीत में निर्माण कार्य के लिए सरिया चुनते समय गुणवत्ता और निर्धारित मानकों पर ध्यान देने की जरूरत पर चर्चा हुई। अधिकारियों के जवाब के बाद मौजूद ग्राहकों ने बैठक में दी गई जानकारी पर संतोष व्यक्त किया।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
