औरंगाबाद में सांसद अभय कुमार कुशवाहा ने कार्यालय का उद्घाटन किया, विपक्ष और बिहार सरकार पर साधा निशाना

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औरंगाबाद (बिहार), 15 जुलाई 2026 : जिला मुख्यालय औरंगाबाद शहर के शाहपुर देवी मंदिर से दक्षिण दिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 की ओर जाने वाली गली में स्थित वार्ड संख्या-27 में औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र संख्या-37 से इंडिया गठबंधन समर्थित राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद अभय कुमार कुशवाहा के कार्यालय सह आवासीय परिसर का बुधवार को पारंपरिक विधि-विधान और पूजा-पाठ के साथ उद्घाटन किया गया।

उद्घाटन के बाद संवाददाताओं से बातचीत के दौरान सांसद अभय कुमार कुशवाहा से सवाल किया गया कि सांसद बने हुए दो वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जब भी वे औरंगाबाद आते थे, तब अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी नहीं मिलती थी। आम लोगों का कहना था कि वे केवल चुनिंदा लोगों से ही सर्किट हाउस में मुलाकात करते थे, जिससे बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं उनके सामने नहीं रख पाते थे। इसी वजह से क्षेत्र के लोगों में यह भी चर्चा थी कि सांसद आखिर औरंगाबाद कब आते हैं, इसकी जानकारी आम जनता तक नहीं पहुंचती थी। अब जब उन्होंने जिला मुख्यालय में अपना कार्यालय सह आवासीय परिसर खोल दिया है, तो इस पर उनका क्या कहना है।

इस सवाल के जवाब में सांसद अभय कुमार कुशवाहा ने कहा कि उन्हें सांसद बने हुए दो वर्ष हुए हैं। उन्होंने बताया कि औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र में गया जिले के तीन विधानसभा क्षेत्र—इमामगंज-डुमरिया, गुरुआ और टेकारी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह कहते हैं कि सांसद औरंगाबाद जिले के रहने वाले नहीं हैं, लेकिन उनसे पहले जो सांसद थे, क्या वे भी औरंगाबाद जिले के निवासी थे। इसके बावजूद वे गया जिले के विधानसभा क्षेत्रों में अच्छी बढ़त हासिल करते थे।
सांसद ने कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने कई बार औरंगाबाद के साथ-साथ इमामगंज-डुमरिया के जंगली और दुर्गम इलाकों, यहां तक कि छकरबंधा जैसे क्षेत्रों का भी दौरा किया है। उनका कहना था कि वे लगातार जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनने और समाधान करने का प्रयास करते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब भी वे जनता के काम को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात करते हैं, तब विपक्ष के लोग इस पर सवाल उठाते हैं कि वे भाजपा और एनडीए के मुख्यमंत्री से क्यों मिले। सांसद ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री जनता से जुड़े किसी कार्य को करने के लिए सहयोग देते हैं, तो उसका स्वागत करना कोई गलत बात नहीं है।

अभय कुमार कुशवाहा ने कहा कि कुछ लोगों में उनके बारे में भ्रम फैलाया जा रहा है, लेकिन वे अपनी पार्टी के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं और वहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे 90 प्रतिशत राजनीति जनता के बीच रहकर करते हैं।

सांसद ने कहा कि आज जिस कार्यालय सह आवासीय परिसर का उद्घाटन किया गया है, वह केवल उनका कार्यालय या आवास नहीं, बल्कि औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र की जनता का सेवा आश्रम है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति यहां आकर उनसे मिल सकता है। यदि उनकी अनुपस्थिति रहेगी तो यहां मौजूद सहयोगियों से अपनी समस्या साझा कर सकता है, लिखित आवेदन दे सकता है और समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरतमंद लोगों के लिए यहां भोजन और ठहरने की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी।

उन्होंने बताया कि चुनाव जीतने के बाद से ही जिला मुख्यालय में कार्यालय खोलने की इच्छा थी, लेकिन उपयुक्त स्थान नहीं मिल पा रहा था। अब बेहतर जगह मिलने के बाद उन्होंने विधिवत पूजा-पाठ कर कार्यालय का उद्घाटन किया है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि यदि लोग पहले से चाहते थे कि उनका कार्यालय खुले, तो उन्होंने पहले कोई अच्छी जगह उपलब्ध क्यों नहीं कराई।

बातचीत के दौरान सांसद ने जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी पार्टी को इतना फंड आखिर कहां से मिलता है, इसका जवाब वही बेहतर दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे इस विषय पर अधिक कुछ नहीं कहना चाहते।

सांसद अभय कुमार कुशवाहा ने भाजपा की नीतियों और सिद्धांतों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके नेता लालू प्रसाद यादव और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव समय-समय पर एनडीए सरकार को उसके चुनावी वादों की याद दिलाते रहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव के समय जीविका दीदी महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये दिए गए, लेकिन शेष 1 लाख 90 हजार रुपये की राशि कब मिलेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में शिक्षक, कर्मचारी और आंगनवाड़ी कर्मियों को छह से सात महीने तक वेतन नहीं मिल रहा है। ऐसे में केवल नौकरी पर निर्भर रहने वाले लोग कैसे अपना परिवार चलाएंगे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार सुशासन का दावा करती है, लेकिन राज्य में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं। एनकाउंटर की घटनाओं को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि पूरा प्रदेश इन घटनाओं को देख रहा है।

सांसद ने कहा कि यदि बिहार में सब कुछ ठीक है, जैसा कि एनडीए सरकार दावा करती है, तो फिर पलायन क्यों नहीं रुक रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं को आज भी दूसरे राज्यों में जाकर रोजगार की तलाश करनी पड़ रही है। उनके अनुसार, एनडीए सरकार केवल दावे करती है, जबकि जमीनी स्थिति अलग है।

अभय कुमार कुशवाहा ने कहा कि राजद संस्थापक और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने हमेशा गरीब, शोषित, वंचित और सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कभी भाजपा के साथ समझौता नहीं किया। सांसद ने आरोप लगाया कि हर चुनाव के समय लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों के माध्यम से परेशान किया जाता है। उनका कहना था कि यदि लालू प्रसाद यादव भाजपा से हाथ मिला लेते, तो तेजस्वी प्रसाद यादव काफी पहले मुख्यमंत्री बन सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और जनता के हित की राजनीति को प्राथमिकता दी।

अंत में सांसद ने कहा कि बिहार में बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने की दिशा में सबसे बड़ा काम तेजस्वी प्रसाद यादव ने अपने उपमुख्यमंत्री कार्यकाल में किया था। उन्होंने कहा कि उनके नेता हमेशा जनता के मुद्दों को उठाते हैं और विपक्ष में रहकर भी जनता की आवाज बुलंद करते हैं।

रिपोर्ट: अजय कुमार पाण्डेय.

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