बिहार, 22 अगस्त 2026। पटना में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (PBL) को विद्यालय स्तर पर प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और समय पर लागू करने को लेकर 20 और 21 अगस्त को दो दिवसीय राज्य स्तरीय आवासीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, पटना के तत्वावधान में हुई।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कक्षा 6 से 8 तक गणित और विज्ञान विषय में PBL आधारित परियोजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करना, अलग-अलग जिलों में अपनाई जा रही अच्छी कार्य-पद्धतियों को एक-दूसरे के साथ साझा करना और तकनीकी सहयोग व मार्गदर्शन को मजबूत करना था। कार्यशाला में बिहार के सभी 38 जिलों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
मुजफ्फरपुर जिले की ओर से जिला शिक्षक शिक्षा समन्वयक मनोज कुमार, डिस्ट्रिक्ट टेक्निकल टीम लीड केशव कुमार और कुमार अभिषेक ने भाग लिया।
दीप प्रज्वलित कर हुआ कार्यशाला का शुभारंभ
कार्यशाला की शुरुआत मुख्य अतिथि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, पटना की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी गार्गी कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर की। इस मौके पर उपनिदेशक, राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद, पटना संजय कुमार, सहायक निदेशक, प्राथमिक शिक्षा, शिक्षा विभाग, बिहार सरकार चंदन द्विवेदी और राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, पटना कौशल किशोर ने प्रतिभागियों को संबोधित किया।
अधिकारियों ने PBL को प्रभावी ढंग से लागू करने और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन मंत्रा फॉर चेंज की टीम ने किया।
मुजफ्फरपुर को मिली सबसे ज्यादा अनुशंसा
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों से बिहार के ऐसे दो जिलों की अनुशंसा करने को कहा गया, जहां PBL को लागू करने के लिए अपनाई जा रही कार्य-पद्धतियां दूसरे जिलों के लिए उपयोगी और अनुकरणीय रही हों।
इस प्रक्रिया में मुजफ्फरपुर जिले को सबसे अधिक अनुशंसा मिली। इसके बाद जिला शिक्षक शिक्षा समन्वयक मनोज कुमार, डिस्ट्रिक्ट टेक्निकल टीम लीड केशव कुमार और कुमार अभिषेक को ‘सर्वाधिक अनुशंसा प्राप्त सम्मान’ श्रेणी में प्रशंसा-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समय से पहले सभी 1,386 विद्यालयों में हुआ क्रियान्वयन
मुजफ्फरपुर को मिली इस मान्यता के पीछे जिले में पहले से तैयार की गई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP), तकनीकी सहयोग, लगातार अनुश्रवण और समयबद्ध कार्य-पद्धति को प्रमुख वजह माना गया।
जिले ने SOP के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए जुलाई महीने में निर्धारित 31 जुलाई की समय-सीमा से पहले ही 20 से 25 जुलाई के बीच सभी 1,386 विद्यालयों में PBL आधारित माइक्रो इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट (MIP) का DIKSHA एप पर शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित कर लिया।
इसके साथ ही मुजफ्फरपुर पूरे बिहार में DIKSHA एप पर PBL आधारित MIP को सबसे पहले शत-प्रतिशत पूरा करने वाला पहला जिला बना।
SOP तैयार करने में इनकी रही अहम भूमिका
मुजफ्फरपुर जिले के लिए तैयार की गई SOP के निर्माण में मुजफ्फरपुर के पूर्व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान, बिहार शिक्षा परियोजना, मुजफ्फरपुर, सुजीत कुमार दास, जिला तकनीकी दल के नेतृत्वकर्ता केशव कुमार और कुमार अभिषेक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जिले की इसी कार्य-पद्धति, तकनीकी सहयोग और समयबद्ध तरीके से किए गए काम को कार्यशाला में दूसरे जिलों के लिए उपयोगी और अनुकरणीय माना गया।
प्रशंसा-पत्र पर अधिकारियों के हस्ताक्षर
जिला तकनीकी दल के नेतृत्वकर्ता केशव कुमार ने बताया कि प्राप्त प्रशंसा-पत्र पर गार्गी कुमारी, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, पटना और चंदन द्विवेदी, सहायक निदेशक, प्राथमिक शिक्षा, शिक्षा विभाग, बिहार के हस्ताक्षर अंकित हैं।
मुजफ्फरपुर जिले के तीनों प्रतिभागियों को यह प्रशंसा-पत्र कौशल किशोर, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, पटना के कर-कमलों से प्रदान किया गया।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
