औरंगाबाद में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, यातायात चालान और खनिज मामलों के निस्तारण पर जोर

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12 सितंबर को होगी राष्ट्रीय लोक अदालत

औरंगाबाद (बिहार): आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर 2026 को किया जाएगा। अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण हो और आम लोगों को इसका लाभ मिल सके, इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ अपने प्रकोष्ठ में दो महत्वपूर्ण समन्वय बैठकें कीं।

इन बैठकों में खास तौर पर खनिज विभाग और यातायात विभाग से जुड़े ऐसे मामलों पर चर्चा की गई, जिनका कानून के अनुसार राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से सुलह और समझौते के आधार पर निस्तारण किया जा सकता है।

खनिज विभाग से जुड़े मामलों पर हुई चर्चा

पहली बैठक में विकास कुमार, जिला खनिज विकास पदाधिकारी, औरंगाबाद शामिल हुए। बैठक के दौरान खनिज विभाग से संबंधित निस्तारण योग्य मामलों की पहचान करने, उनके जरूरी अभिलेख उपलब्ध कराने और पात्र मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत के सामने प्रस्तुत करने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने निर्देश दिया कि खनिज विभाग से जुड़े निस्तारण योग्य मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाए। साथ ही, जरूरी दस्तावेजों के साथ इन मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत किया जाए, ताकि अधिक से अधिक मामलों का सुलह और समझौते के आधार पर निपटारा हो सके।

यातायात चालान के मामलों के निस्तारण पर जोर

दूसरी समन्वय बैठक में अविनाश कुमार कश्यप, यातायात डी.एस.पी., औरंगाबाद ने हिस्सा लिया। इस बैठक में मुख्य रूप से यातायात चालान से जुड़े मामलों के निस्तारण और आम लोगों में इसके बारे में जागरूकता पैदा करने पर चर्चा हुई।

सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने कहा कि यातायात चालान से जुड़े मामलों के पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए मामलों के निस्तारण की सुविधा के बारे में व्यापक जानकारी देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यातायात विभाग और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से आम नागरिकों को यह बताया जाना चाहिए कि कानून के अनुसार निस्तारण योग्य यातायात चालान के मामलों का राष्ट्रीय लोक अदालत में सरल और त्वरित तरीके से समाधान कराया जा सकता है।

पक्षकारों को नहीं हो अनावश्यक परेशानी

बैठक में यह भी तय किया गया कि 12 सितंबर 2026 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में यातायात चालान से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। इसका उद्देश्य यह है कि मामलों के पक्षकारों को अनावश्यक परेशानी न हो और मामलों का निपटारा आसान और जल्द तरीके से किया जा सके।

सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने यातायात विभाग से अपील की कि निस्तारण योग्य चालान से जुड़े मामलों की जानकारी संबंधित पक्षकारों तक पहुंचाई जाए। साथ ही, उन्हें 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने मामलों का निस्तारण कराने का अवसर मिलने की जानकारी भी दी जाए।

आम लोगों को जागरूक करने पर भी जोर

बैठक के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में आम नागरिकों तक सही और जरूरी जानकारी पहुंचाई जाए। सचिव ने कहा कि लोगों को यह पता होना चाहिए कि कानून के अनुसार निस्तारण योग्य मामलों का समाधान लोक अदालत के माध्यम से सरल तरीके से कराया जा सकता है।

यातायात चालान और खनिज विभाग से जुड़े मामलों के अधिक से अधिक निस्तारण से संबंधित पक्षकारों को जल्द राहत मिल सकती है। इससे न्यायिक प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर आम लोगों से अपील

सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत केवल मामलों के निस्तारण का मंच नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों को उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी उपायों के प्रति जागरूक करने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे 12 सितंबर 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। कानून के अनुसार निस्तारण योग्य अपने यातायात चालान और अन्य मामलों के समाधान के लिए संबंधित विभाग या जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर सकते हैं।

रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.

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