बोधगया, गया जी (बिहार) : मगध विश्वविद्यालय क्षेत्र: शनिवार, 22 अगस्त 2026 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), मगध विश्वविद्यालय क्षेत्र की ओर से आयोजित सीनेट बैठक के दौरान छात्र हित, महाविद्यालय हित और विश्वविद्यालय हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन में काफी संख्या में छात्र शामिल हुए। विद्यार्थियों ने लंबे समय से लंबित अपनी मांगों के समाधान की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद छात्र प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों की बैठक भी हुई, जिसमें विश्वविद्यालय और विभिन्न महाविद्यालयों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
नामांकन से लेकर परीक्षा और डिग्री तक की समस्याएं उठीं
बैठक के दौरान विद्यार्थियों ने कहा कि नामांकन, पंजीयन, परीक्षा, परीक्षा परिणाम, अंक पत्र, डिग्री, छात्रावास, आधारभूत सुविधाओं, अतिरिक्त शुल्क वसूली और विभिन्न महाविद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं।
विद्यार्थियों का कहना था कि इन समस्याओं के कारण उनका शैक्षणिक सत्र और भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों पर लाठीचार्ज किए जाने की भी सूचना मिली, जिसमें कई छात्रों के घायल होने की बात सामने आई।
परिषद ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि छात्र हित से जुड़ी लोकतांत्रिक मांगों को बलपूर्वक दबाने के बजाय विश्वविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

कुलपति को सौंपा 32 सूत्री मांग-पत्र
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कुलपति को 32 सूत्री मांग-पत्र सौंपा और विभिन्न मांगों पर अविलंब कार्रवाई की मांग की।
गया कॉलेज और अनुग्रह महाविद्यालय से जुड़े मामले
प्रमुख मांगों में गया कॉलेज में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच और गया कॉलेज तथा अनुग्रह महाविद्यालय में फंड ट्रांसफर की निष्पक्ष जांच की मांग शामिल है।
इसके अलावा विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव कराने, समय पर नामांकन, पंजीयन, परीक्षा और परिणाम जारी करने, लंबित अंक पत्र एवं डिग्री का वितरण करने तथा पैट आवेदन शुल्क की नियमानुसार वापसी की मांग भी उठाई गई।
नए पाठ्यक्रम और छात्रावास शुरू करने की मांग
परिषद ने विभिन्न महाविद्यालयों में पोस्ट ग्रेजुएट, एम.सी.ए., एम.पी.टी., बी.कॉम., एम.कॉम. और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग की।
इसके साथ ही बंद पड़े छात्रावासों को फिर से चालू करने, स्वच्छ पेयजल और शौचालय समेत आधारभूत सुविधाओं में सुधार करने, विश्वविद्यालय परिसर में खेल मैदान का निर्माण करने तथा केंद्रीय पुस्तकालय और जर्जर भवनों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण की मांग भी की गई।
अतिरिक्त शुल्क वसूली पर रोक लगाने की मांग
परिषद ने प्रॉस्पेक्टस, ऑनलाइन आवेदन, नामांकन, पंजीयन, परीक्षा फॉर्म, प्रमाण-पत्र, इंटर्नशिप और अन्य मदों के नाम पर हो रही कथित अतिरिक्त एवं अनावश्यक शुल्क वसूली पर रोक लगाने की मांग की।
इसके अलावा यू.जी. की फीस सभी महाविद्यालयों में एक समान करने, निजी महाविद्यालयों की मनमानी शुल्क वसूली रोकने और पात्र छात्राओं के लिए निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ हुई वार्ता
प्रदर्शन और मांग-पत्र सौंपे जाने के बाद कुलपति, कुलसचिव, कुलानुशासक और डी.एस.डब्ल्यू. के साथ पुलिस एवं प्रशासन की मौजूदगी में वार्ता हुई।
वार्ता के दौरान परिषद के प्रतिनिधियों ने 32 सूत्री मांग-पत्र के सभी बिंदुओं को विस्तार से विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित बिंदुओं के समाधान की दिशा में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
प्रशासन की ओर से 15 दिनों के अंदर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने का भी आश्वासन दिया गया है।
15 दिनों बाद कार्रवाई की समीक्षा करेगी परिषद
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कहा कि मगध विश्वविद्यालय क्षेत्र के विद्यार्थियों की ये समस्याएं काफी लंबे समय से लंबित हैं। अब इन मामलों में केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और समयबद्ध कार्रवाई की जरूरत है।
परिषद ने स्पष्ट किया कि वह निर्धारित 15 दिनों की अवधि के भीतर मांगों पर होने वाली कार्रवाई की समीक्षा करेगी। यदि छात्र हित से जुड़ी मांगों का तय समय-सीमा के भीतर समाधान नहीं किया गया, तो विद्यार्थियों के हित में आगे भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।
बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं रहे मौजूद
इस मौके पर मोहित कुमार, सूरज सिंह, शिव नारायण कुमार, अमित कुमार, विनायक कुमार, मैक्स कुमार, प्रिया सिंह, प्रभात कुमार, वैष्णवी कुमारी और पवन कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय / दिनेश कुमार पंडित.
