बिहार, 26 अगस्त 2026: पटना में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों, युवाओं और किसानों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर बिहार प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने नाराजगी जताई है। कांग्रेस नेताओं ने लाठीचार्ज और पानी की बौछार किए जाने की घटना को अलोकतांत्रिक बताते हुए प्रदर्शनकारियों के साथ संयम बरतने की मांग की।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी और टिंकू गिरी समेत अन्य नेताओं ने कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर राजधानी पहुंचे लोगों के साथ इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है।
नेताओं के अनुसार, राज्य के छात्र बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा प्रणाली, विभिन्न शिक्षण संस्थानों में परीक्षाओं के आयोजन में देरी और पिछली परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार व अनियमितताओं जैसे मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक की ओर से छात्रों को लेकर की गई कथित टिप्पणी के बाद माफी की मांग भी प्रदर्शन का एक मुद्दा थी।
वहीं, ग्रामीण और टाउनशिप-सैटेलाइट गांवों में जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याओं को लेकर किसान भी अपनी मांगों के साथ पटना पहुंचे थे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों और किसानों के इन मुद्दों को सुनने के बजाय प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग किया गया।
नेताओं ने आरोप लगाया कि लाठीचार्ज और पानी की बौछार के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं। उनके मुताबिक, छात्र नेता गौतम और एक पुलिस उपाधीक्षक के सिर में चोट लगी, जबकि किसान नेता कामाख्या नारायण सिंह के चेहरे पर भी चोट आई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में आम नागरिकों को अपनी जायज मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने और प्रदर्शन करने का अधिकार है। उनका कहना है कि ऐसे प्रदर्शनों को बातचीत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर के छात्र, युवा और किसान यह महसूस करने लगे हैं कि अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना जरूरी हो गया है। नेताओं ने सरकार से अपील की कि वह प्रदर्शनकारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की पहल करे।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
