गया, बिहार | 28 अगस्त 2026: रक्षाबंधन के मौके पर गया जी स्थित गौतम बुद्ध महिला कॉलेज की एनसीसी कैडेटों और एनएसएस वॉलेंटियरों ने सैनिकों के प्रति सम्मान और भाईचारे की भावना का इज़हार किया। कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. सीमा पटेल के निर्देश पर छात्राएं गया कॉलेज परिसर में 6 बिहार बटालियन एनसीसी की ओर से लगाए गए प्रशिक्षण शिविर में पहुंचीं।
इस दौरान छात्राओं ने अपने हाथों से तैयार की गईं रंग-बिरंगी राखियां सैनिकों, एनसीसी प्रशिक्षकों और कैडेटों की कलाइयों पर बांधीं। कार्यक्रम के दौरान माहौल में अपनापन और उत्साह साफ नजर आया।
सैनिक भाइयों की कलाइयों पर बांधे रक्षासूत्र
रक्षाबंधन कार्यक्रम की शुरुआत एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी और एनसीसी केयरटेकर ऑफिसर डॉ. नगमा शादाब ने की। दोनों ने सूबेदार अरविंद शर्मा, सूबेदार कुमुद कुमार, सूबेदार श्याम भगत, हवलदार योगेंद्र सिंह और सीताराम की कलाइयों पर रक्षासूत्र बांधा।
इसके बाद एनएसएस वॉलेंटियर शिवानी सिंह, भारती कुमारी, संचिता कुमारी, कशिश कुमारी और श्रुति कुमारी के साथ एनसीसी कैडेटों ने भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
छात्राओं ने सैनिकों, एनसीसी प्रशिक्षकों और कैडेटों को तिलक लगाया, अक्षत अर्पित किया और उनकी कलाइयों पर राखियां बांधीं। इसके बाद बहनों ने भाइयों को मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
सैनिकों के त्याग और देशभक्ति को किया नमन
राखी बंधवाने के बाद मौजूद एनसीसी अधिकारियों, प्रशिक्षकों और कैडेटों में खुशी दिखाई दी। उन्होंने छात्राओं को रक्षाबंधन की बधाई देते हुए उनके इस स्नेह के लिए आभार जताया।
कॉलेज की पूर्व एनसीसी केयरटेकर ऑफिसर रह चुकीं डॉ. रश्मि प्रियदर्शनी ने देश की सुरक्षा में दिन-रात जुटे सैनिकों के त्याग, वीरता, देशभक्ति और समर्पण को नमन किया।
उन्होंने कहा कि सैनिकों की जिम्मेदारी केवल सीमा की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। एनसीसी के जरिए युवाओं में चरित्र निर्माण, अनुशासन, भाईचारा, नेतृत्व क्षमता और देशभक्ति जैसी भावनाओं को मजबूत करने का काम भी किया जाता है।
डॉ. रश्मि ने कहा कि देश के सैनिक सुरक्षित हैं, तभी देश की माताएं और बहनें भी खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं। उन्होंने सैनिकों के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त की।
छात्राओं की बनाई राखियों ने बढ़ाया अपनापन
एनसीसी केयरटेकर ऑफिसर डॉ. नगमा शादाब ने छात्राओं द्वारा तैयार की गई राखियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन राखियों में छात्राओं का स्नेह और शुभकामनाएं जुड़ी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि सैनिक भाइयों की कलाइयों पर रक्षासूत्र बांधकर छात्राएं और कॉलेज परिवार खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। डॉ. नगमा ने रक्षाबंधन को भाई-बहन के आपसी स्नेह और विश्वास का प्रतीक बताया।
सावन महोत्सव के तहत हुआ आयोजन
रक्षाबंधन का यह कार्यक्रम सावन महोत्सव के तहत आयोजित किया गया। इसका संयोजन गौतम बुद्ध महिला कॉलेज की एनसीसी इकाई, एनएसएस इकाई और कला परिषद ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम ने छात्राओं और सैनिकों के बीच स्नेह, सम्मान और भाईचारे के रिश्ते को एक नई आत्मीयता दी। छात्राओं की ओर से अपने हाथों से तैयार राखियां बांधना इस आयोजन की खास बात रही।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
