मऊ थाना का क्षेत्र बढ़ाने की मांग, कई पंचायतों के गांव जोड़ने को दिया आवेदन

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गया, बिहार | 28 अगस्त 2026: गया जिले के टिकारी अनुमंडल क्षेत्र में मऊ थाना के क्षेत्राधिकार को बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। पूर्व जिला पार्षद सत्येंद्र नारायण और बृजमोहन शर्मा ने इस सिलसिले में मगध प्रक्षेत्र के आरक्षी महानिरीक्षक विकास वैभव और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक दिव्याजलि जायसवाल को आवेदन दिया है।

आवेदन के जरिए आसपास की कई पंचायतों के गांवों को मऊ थाना क्षेत्र में शामिल करने का आग्रह किया गया है। उनका कहना है कि मऊ थाना को हाल ही में सरकार की ओर से मंजूरी मिली है, लेकिन इसके मौजूदा क्षेत्राधिकार में ऐसे कई गांव नहीं रखे गए हैं, जो भौगोलिक तौर पर थाना से बेहद करीब हैं।

दूर के थानों में जाने को मजबूर ग्रामीण

आवेदन में कहा गया है कि मऊ थाना के आसपास मौजूद कुछ गांवों के लोगों को अब भी प्राथमिकी दर्ज कराने, पुलिस सहायता लेने और दूसरे जरूरी कामों के लिए दूर स्थित थानों का रुख करना पड़ता है।

इससे ग्रामीणों को समय और संसाधन दोनों खर्च करने पड़ते हैं। खास तौर पर वे गांव जो मऊ थाना के बिल्कुल नजदीक हैं, उनके लिए किसी दूसरे थाना क्षेत्र में जाना व्यावहारिक तौर पर परेशानी का कारण बन रहा है।

इन गांवों को मऊ थाना से जोड़ने की मांग

पूर्व जिला पार्षदों ने आवेदन में कुछ खास पंचायतों और गांवों को मऊ थाना के क्षेत्राधिकार में शामिल करने का सुझाव दिया है। इनमें:

कोंच थाना क्षेत्र की श्रीगांव और केर पंचायत के सभी गांव।

अलीपुर थाना क्षेत्र की संडा पंचायत के सभी गांव।

केसपा पंचायत का अखनपुर गांव।

चेता पंचायत का उरविशुनपुर गांव।

आवेदन के मुताबिक, इन इलाकों के कई गांव मऊ थाना से करीब एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर ही स्थित हैं। इसके बावजूद वहां रहने वाले लोगों को अपने मौजूदा थाना क्षेत्र में पुलिस संबंधी काम के लिए जाना पड़ता है।

भौगोलिक स्थिति के आधार पर पुनर्गठन की मांग

सत्येंद्र नारायण ने कहा कि थाना क्षेत्रों का निर्धारण और पुनर्गठन करते समय इलाके की भौगोलिक स्थिति के साथ-साथ आम लोगों की सुविधा को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

उनका कहना है कि अगर आसपास के गांवों को उनकी वास्तविक भौगोलिक निकटता के आधार पर मऊ थाना से जोड़ा जाता है, तो पुलिस व्यवस्था को अधिक सुचारु बनाया जा सकता है। इससे ग्रामीणों को जरूरत के समय पुलिस तक जल्दी पहुंचने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। आवेदन के जरिए उम्मीद जताई गई है कि क्षेत्राधिकार में उचित बदलाव होने से आसपास के ग्रामीणों को पुलिस संबंधी सेवाएं अधिक आसानी से मिल सकेंगी।

रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.

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