गया गांधी मैदान में बने कारगिल शहीद स्थल, कूड़ा डंपिंग क्षेत्र हटाने की मांग

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गया, बिहार | 28 अगस्त 2026: गया के ऐतिहासिक गांधी मैदान के एक हिस्से को कारगिल युद्ध के शहीदों की याद में विकसित करने की मांग उठी है। मांग करने वालों ने गांधी मैदान के दक्षिण में संग्रहालय से पश्चिम की ओर मौजूद कूड़ा डंपिंग क्षेत्र को किसी दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर वहां कारगिल शहीद स्थल बनाने का प्रस्ताव रखा है।

यह मांग गया जिले के टिकारी के कुतलूपुर निवासी शहीद राम पुकार शर्मा और परैया के धर्मशाला निवासी शहीद मिथिलेश पंडित की स्मृति में की गई है।

कारगिल शहीदों के नाम को सम्मान देने की मांग

मांग करने वाले नेताओं का कहना है कि इन दोनों शहीदों का नाम अभी तक पटना गांधी मैदान के पास स्थित कारगिल चौक पर बिहार के कारगिल शहीदों की सूची में शामिल नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि दोनों शहीदों के शहादत दिवस पर हर वर्ष गया में उनके नाम को कारगिल चौक की सूची में शामिल करने की मांग उठाई जाती रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

मांग रखने वालों में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, दामोदर उपाध्यक्ष, टिंकू गिरी, सकल देव यादव, बिंदा यादव और मुन्ना मांझी समेत अन्य लोग शामिल हैं।

कूड़ा डंपिंग हटने के बाद शहीद स्थल का प्रस्ताव

नेताओं ने कहा कि कुछ दिन पहले विधानसभा अध्यक्ष एवं गया के विधायक डॉ. प्रेम कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन की बैठक हुई थी। इसमें गांधी मैदान से कूड़ा डंपिंग क्षेत्र हटाने की घोषणा किए जाने की बात कही गई है।

उनका कहना है कि यदि कूड़ा डंपिंग क्षेत्र को हटाने के बाद उसी जगह को कारगिल शहीद स्थल के रूप में विकसित किया जाता है, तो यह गया गांधी मैदान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ सकता है।

शहीदों की स्मृति को स्थायी पहचान मिलने की उम्मीद

मांग करने वालों का मानना है कि इस स्थल पर कारगिल शहीदों की स्मृति में स्मारक बनने से नई पीढ़ी को देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों के बारे में जानने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने राज्य सरकार, गया जिला प्रशासन और गया नगर निगम से इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।

ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा है गया गांधी मैदान

गया गांधी मैदान को ऐतिहासिक और गौरवशाली स्थल बताते हुए नेताओं ने इसकी विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मैदान परिसर में स्थित गांधी मंडप का निर्माण प्रसिद्ध शिल्पकार उपेंद्र महारथी की देखरेख में हुआ था।

इसके अलावा परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अस्थि कलश का स्तूप भी है। नेताओं के अनुसार, इस स्तूप का शिलान्यास वर्ष 1948 में बिहार के प्रथम राज्यपाल हरिहर अन्ने ने किया था।

गांधी मंडप के निर्माण के बाद देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने वर्ष 1951 में इसका उद्घाटन कर इसे गया के लोगों को समर्पित किया था।

गांधी मैदान के दोनों छोरों पर ऐतिहासिक कैथोलिक चर्च भी स्थित हैं। ऐसे में नेताओं का कहना है कि इसी ऐतिहासिक परिसर के एक हिस्से में कारगिल शहीदों की स्मृति में स्थल विकसित होने से गांधी मैदान की ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्ता और बढ़ सकती है।

सरकार और प्रशासन से पहल की अपील

मांग करने वालों ने कहा कि गया की ऐतिहासिक विरासत और कारगिल शहीदों की स्मृति को एक साथ जोड़कर इस स्थल को विकसित किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले कूड़ा डंपिंग क्षेत्र को व्यवस्थित तरीके से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करना जरूरी होगा।

उन्होंने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और नगर निगम से शहीद स्थल बनाने की मांग पर सकारात्मक पहल करने की अपील की है, ताकि राम पुकार शर्मा और मिथिलेश पंडित जैसे वीरों की शहादत को गया में स्थायी सम्मान मिल सके।

रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.

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