औरंगाबाद (बिहार) : मुहर्रम पर्व 2026 को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार, 22 जून 2026 को अनुमंडल स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला पदाधिकारी औरंगाबाद श्रीमती अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में संपन्न हुई।
बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, शांति समिति के सदस्यों और अन्य संबंधित लोगों ने भाग लिया तथा पर्व के दौरान सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
26 जून को मनाया जाएगा मुहर्रम पर्व
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष मुहर्रम का पर्व शुक्रवार, 26 जून 2026 को मनाया जाएगा। मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना माना जाता है और इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय द्वारा परंपरागत रूप से ताजिया और जुलूस निकाले जाते हैं।
जुलूस के दौरान विभिन्न धार्मिक परंपराओं और गतिविधियों का आयोजन होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता
अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह ने कहा कि मुहर्रम के दौरान जिले में कानून-व्यवस्था, शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
संवेदनशील क्षेत्रों में रहेगी विशेष निगरानी
उन्होंने बताया कि जिले के सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थलों की पहचान कर ली गई है। इन स्थानों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
इसके अलावा जुलूस मार्गों और आयोजन स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पूरी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग के लिए वीडियोग्राफी टीम भी तैनात रहेगी। आवश्यकता अनुसार बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए जिला एवं अनुमंडल स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय रहेगा।
अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी कड़ी नजर
बैठक में यह भी बताया गया कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने या सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया की होगी निगरानी
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य इंटरनेट माध्यमों पर फैलने वाली अफवाहों और आपत्तिजनक सामग्री पर विशेष नजर रखी जाएगी।
यदि कोई व्यक्ति भ्रामक या भड़काऊ सामग्री प्रसारित करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जुलूस को लेकर जारी किए गए महत्वपूर्ण निर्देश
अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि मुहर्रम और ताजिया जुलूस केवल पूर्व निर्धारित समय और तय मार्ग पर ही निकाले जाएं।
बिना अनुमति नहीं बदला जाएगा मार्ग
उन्होंने निर्देश दिया कि बिना प्रशासनिक अनुमति के किसी भी जुलूस का मार्ग नहीं बदला जाएगा। आयोजकों को जुलूस का रूट, ताजिया की ऊंचाई और कार्यक्रम का समय पहले से संबंधित थाना को उपलब्ध कराना होगा।
साथ ही धार्मिक उन्माद फैलाने वाले गीत, भड़काऊ नारे और प्रतिबंधित हथियारों के प्रदर्शन से पूरी तरह बचने का निर्देश दिया गया।
डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध
बैठक में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति मिलने के बाद ही लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जा सकेगा।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर वर्जित
मुहर्रम जुलूस में डीजे का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति नहीं होगी।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चलेगा विशेष अभियान
बैठक में बताया गया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में जिला पुलिस, एसटीएफ और सीएपीएफ की टीमों द्वारा क्षेत्र प्रभुत्व अभियान चलाया जाएगा, ताकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
चिकित्सा सुविधाओं की भी रहेगी व्यवस्था
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जीवनरक्षक दवाओं के साथ मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
प्रशासन ने की सहयोग की अपील
बैठक के अंत में अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह ने सभी शांति समिति सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और आयोजकों से अपील की कि वे मुहर्रम पर्व को आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में प्रशासन का पूरा सहयोग करें।
उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल 112, 100 या 101 नंबर पर संपर्क कर स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की।
बैठक में रहे मौजूद
इस अवसर पर एसडीपीओ सदर-01 सुशील कुमार सहित शांति समिति के सदस्य और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
