गया में संबद्ध डिग्री कॉलेज के शिक्षकों-कर्मचारियों का प्रदर्शन, वेतनमान और पेंशन की मांग

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बिहार प्रदेश, 4 सितंबर 2026: शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर बिहार राज्य के संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने गया के टावर चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने महान दार्शनिक और शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर हाथों में लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और नियमित वेतनमान तथा पेंशन की मांग उठाई।

प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों और कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

40 वर्षों से नियमित वेतनमान और पेंशन की मांग

बिहार राज्य संबद्ध डिग्री कॉलेज शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ की मगध विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष प्रोफेसर विजय कुमार मिट्ठू ने कहा कि राज्य के सैकड़ों संबद्ध डिग्री कॉलेजों में हजारों शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी पिछले करीब 40 वर्षों से नियमित वेतनमान और पेंशन की मांग कर रहे हैं।

उनका कहना है कि संबद्ध डिग्री कॉलेजों के कर्मचारियों को सरकारी कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों की तरह नियमित वेतनमान तथा पेंशन का लाभ मिलना चाहिए।

प्रदर्शन में महासंघ के संरक्षक प्रो. नवल किशोर प्रसाद सिंह, जिला अध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. अनिल कुमार सिन्हा, प्रो. अमरेंद्र कुमार सिंह मंटू, प्रो. सुनील कुमार, टिंकू गिरी, निमिष भारद्वाज और श्रीकांत शर्मा समेत कई शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

न्यायालय के आदेश और सरकार की घोषणा का दिया हवाला

महासंघ के नेताओं ने कहा कि वेतनमान और पेंशन से जुड़ी उनकी मांग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के आदेश भी सामने आ चुके हैं। इसके अलावा उनका कहना है कि वर्ष 2025 में राज्य सरकार ने इस मामले में आगे की प्रक्रिया के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने की घोषणा की थी।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक कमेटी को अपनी रिपोर्ट जल्द देने की बात कही गई थी, लेकिन घोषणा के कई महीने बीतने के बावजूद अब तक कमेटी की बैठक नहीं हुई है।

इससे संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि कमेटी की प्रक्रिया को जल्द पूरा कर वेतनमान और पेंशन पर स्पष्ट फैसला लिया जाए।

‘सरकार ने फैसला नहीं लिया तो अनिश्चितकालीन धरना’

महासंघ के नेताओं ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति का भी ऐलान किया।

उन्होंने कहा कि अगर 5 सितंबर 2026 को सरकार संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए नियमित वेतनमान तथा पेंशन की घोषणा नहीं करती है, तो 9 सितंबर से मुख्यमंत्री के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

नेताओं के मुताबिक यह धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस फैसला लेकर वेतनमान और पेंशन देने की घोषणा नहीं करती।

‘करो या मरो’ के नारे के साथ आंदोलन तेज करने का संकल्प

गया के टावर चौक पर प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपने हाथों में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीरें लेकर ‘करो या मरो’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से चली आ रही उनकी मांगों पर अब सरकार को सिर्फ आश्वासन देने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

शिक्षक दिवस से ठीक पहले हुए इस प्रदर्शन के जरिए संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों ने सरकार को यह संदेश देने की कोशिश की कि वेतनमान और पेंशन का मुद्दा उनके लिए अब भी सबसे अहम है और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया गया है।

रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.

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